द फॉलोअप डेस्क
बिहार में हो रहे अपराध के कारण में आपसी विवाद के अलावे यदि कोई है तो वो है अन्धविश्वास। और इसका जीता जागता उदाहरण लगातार हो रही घटनाएं हैं। ऐसे ही समय में एक अंधविश्वास का मामला बिहार के गया जिले से आया है। जहां जिले के टनकुप्पा थाना क्षेत्र में ओझा-गुनी का आरोप लगाकर एक 40 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति को पीट पीटकर मार डाला। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान टनकुप्पा थाना के बरवाडीह गांव के दुखी बीघा टोला निवासी बिरजू मांझी के रूप में की गई है। 
मिली जानकारी के अनुसार हत्या 18 जुलाई को उनके पड़ोसियों के द्वारा की गई थी। जहां लगभग आधा दर्जन लोगों ने बिरजू मांझी को पीट पीटकर मार डाला था। और अपराध को छुपाने के लिए शव को रात के अँधेरे में वजीरगंज थाना क्षेत्र के कोल्हान गांव के एक खेत में दफना दिया। जिसके बाद मृतक के परिजनों ने इस मामले में कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस के द्वारा जांच शुरू कर दी गई थी। 
पुलिस ने दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि बिरजू मांझी ओझा गुनी का काम करता था और उनका मानना था कि बिरजू के जादू टोना के कारण ही उनके घर में एक एक करके 4 लोगों की मौत हो गई थी। और इसका बदला लेने के लिए बिरजू मांझी की हत्या कर दी।