द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के बीच लगभग 12 सीटों पर फ्रेंडली फाइट यानी दोस्ताना मुकाबला होने वाला था। लेकिन इस स्थिति को टालने के लिए वीआईपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। बता दें कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख आज खत्म हो गई है। ऐसे में अब महागठबंधन के बीच कुछ सीटों पर ही दोस्ताना मुकाबला होगा। गौड़ाबौराम सीट पर राजद ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का पत्र जारी किया था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह नामांकन वापस नहीं हो पाया।
बता दें कि बाबूबरही विधानसभा सीट से वीआईपी ने अपना उम्मीदवार वापस लिया है। बिंदु गुलाब यादव वीआईपी की उम्मीदवार थीं, जबकि राजद से अरुण कुशवाहा हैं। अब अरुण कुशवाहा ही महागठबंधन के उम्मीदवार होंगे। वहीं कटिहार के प्राणपुर विधानसभा सीट से महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी तौकीर आलम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। अब इस सीट से राजद की इशरत प्रवीण ही उम्मीदवार होंगी। इसके अलावा नवादा के वारसलीगंज में कांग्रेस उम्मीदवार सतीश सिंह उर्फ मंटन सिंह ने भी नामांकन वापस ले लिया है। अब राजद से अशोक महतो की पत्नी कुमारी अनीता ही उम्मीदवार हैं। वहीं लालगंज सीट आरजेडी ने बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला को अपना उम्मीदवार बनाया था तो वहीं कांग्रेस ने आदित्य कुमार को इस सीट से मैदान में उतार दिया था। इसको लेकर दोनों दलों के बीच काफी विवाद भी हुआ था लेकिन अब कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य कुमार ने बीते दिनों अपना नामांकन वापस ले लिया है।
गौड़ाबौराम सीट की बात करें तो पहले आरजेडी ने अफजल अली खान को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में यह सीट वीआईपी के लिए छोड़ दी गई। इसके बाद वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के छोटे भाई संतोष साहनी को यहां से उम्मीदवार बनाया गया। अफजल अली ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया, जिससे टकराव की स्थिति बनी और मामला हाई कोर्ट तक पहुंचे की भी नौबत आ गई थी। हालांकि, मुकेश सहनी के डिप्टी सीएम उम्मीदवार घोषित होने के बाद अब दोनों पार्टियों के उम्मीदवार यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।
