पटना
राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को पटना में प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग खुद सामने आने की बजाय 'सूत्रों' के माध्यम से खबरें प्लांट करवा रहा है, ताकि उसकी आड़ में 'खेला' किया जा सके। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा, "ये वही सूत्र हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कब्जा करा रहे थे। इसलिए हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते हैं। मूत्र यानी ऐसा अपशिष्ट पदार्थ जो दुर्गंध फैलाता है।"

तेजस्वी का यह बयान उस आशंका के बीच आया है जिसमें कहा जा रहा है कि वोटर लिस्ट के पुनर्रिक्षण के नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम गायब किए जा सकते हैं, जिससे वे आगामी विधानसभा चुनाव में वोट डालने से वंचित रह जाएं। तेजस्वी ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और मांग की कि चुनाव आयोग खुलकर सामने आए और जनता के सवालों का जवाब दे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आयोग की मंशा में पारदर्शिता नहीं रही तो यह लोकतंत्र की आत्मा पर सीधी चोट होगी। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से सतर्क रहने और इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाने की अपील की।
