द फॉलोअप डेस्क
बिहार की राजनीति में इस समय चुनावी हलचल तेज है। इस बीच महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर खींचतान बढ़ती जा रही है। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच, अब एक बार फिर से महागठबंधन के भीतर अलग-अलग विचारों को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। बता दें कि पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में महागठबंधन और RJD के नेतृत्व पर बयान देते हुए कहा कि महागठबंधन का निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएगा। इसमें सभी दलों की सहमति जरूरी होगी।
कांग्रेस तय करेगी महागठबंधन का नेतृत्व
इस दौरान पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि महागठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस द्वारा तय किया जाएगा। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, माले के नेता, और लालू यादव समेत सभी महत्वपूर्ण नेता शामिल होंगे। उन्होंने कहा, "RJD अकेले किसी भी निर्णय को नहीं ले सकता, कांग्रेस के नेतृत्व के बिना महागठबंधन का निर्णय संभव नहीं है।"

इसमें सांसद ने आगे कहा कि कांग्रेस हमेशा अपने निर्णय देश और समाज के हित में करती है। बिहार के लिए जो सबसे अच्छा होगा, वही निर्णय लिया जाएगा। RJD को अपनी पार्टी का फैसला लेने की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन महागठबंधन का भविष्य कांग्रेस के साथ बैठकर ही तय होगा।
कांग्रेस के नेताओं ने दी प्रतिक्रियाएं
वहीं, कांग्रेस के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा चुनाव के बाद ही तय होगा। इसका निर्णय जीतने वाले विधायक लेंगे। 