logo

रेलवे में TC की नौकरी से IPS तक का सफर, आज बिहार में SP हैं उपेंद्रनाथ वर्मा

रेलवे में TC की नौकरी से IPS तक का सफर, आज बिहार में SP हैं उपेंद्रनाथ वर्मा

द फॉलोअप डेस्क:

बिहार के नवादा जिले के उपेंद्रनाथ वर्मा (Upendra Nath Verma) की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। एक साधारण परिवार से आने वाले उपेंद्रनाथ ने रेलवे में टिकट कलेक्टर (TC) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था। उन्होंने वर्ष 2004 में हावड़ा डिवीजन में नौकरी शुरू की। इस दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। सीमित संसाधनों और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने आगे बढ़ने का इरादा नहीं छोड़ा। उनकी मेहनत का नतीजा रहा कि रेलवे की नौकरी करते हुए उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और सिविल सेवा में जाने की तैयारी शुरू कर दी।

ड्यूटी के साथ पढ़ाई, फिर UPSC में हासिल की सफलता

उपेंद्रनाथ वर्मा ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2007 में उन्होंने स्नातक और 2010 में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। नौकरी की व्यस्तताओं के बीच प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास के दम पर अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए। आखिरकार, वर्ष 2013 में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई। टिकट कलेक्टर की नौकरी से शुरू हुआ उनका सफर अब एक नई पहचान हासिल कर चुका था। उनकी सफलता बताती है कि जिम्मेदारियों के बीच भी सही योजना और निरंतर प्रयास से बड़े लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

कई अहम पुलिस जिम्मेदारियां संभालीं, अभी औरंगाबाद के SP

IPS बनने के बाद उपेंद्रनाथ वर्मा ने पुलिस सेवा में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2018 में मुजफ्फरपुर के सिटी SP के रूप में उनकी भूमिका चर्चित बालिका गृहकांड से जुड़ी जांच में रही। इसके बाद बक्सर में तैनाती के दौरान काकुड़ा हत्याकांड की जांच में एक चप्पल से जुड़े सुराग की चर्चा भी सामने आई। अपने सेवाकाल में वह पश्चिमी चंपारण, बक्सर और बांका सहित कई जिलों में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वह औरंगाबाद जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं। नवादा के एक साधारण परिवार से निकलकर पुलिस कप्तान तक पहुंचने वाले उपेंद्रनाथ वर्मा की यात्रा युवाओं को संदेश देती है कि किसी भी मुकाम तक पहुंचने के लिए मेहनत, धैर्य और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है।