द फॉलोअप डेस्क
सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को वोटरलिस्ट वेरीफिकेशन प्रक्रिया को लेकर बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वोटरलिस्ट वेरीफिकेशन की प्रक्रिया जारी रहेगी। वहीं इसमें आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आइडी कार्ड को भी अनिवार्य दस्तावेजों में शामिल करने पर विचार करने की बात की है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं के द्वारा प्रक्रिया के समय और तरीकों के खड़े किए सवाल पर सुनवाई की बात की है जिसकी आगली तारीख 28 जुलाई को निर्धारित कर दी गई है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कुछ सवालों के जवाब 21 जुलाई को मांगी है। ताकी 28 जुलाई को इस पर सुनवाई की जा सके। 
याचिकाकर्त्ता के वकील ने दलील पेश की है कि कम समय में चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पूर्ण कराना चाहती है और आधार कार्ड को अनिवार्य दस्तावेज भी नहीं मान रही है साथ ही माता पिता के भी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। जो कि पूरी तरह से मनमाना और भेदभाव पूर्ण है। 
वहीं चुनाव आयोग के वकील ने बचाव करते हुए कहा है कि आधार कार्ड केवल पहचान पत्र है यह भारत की नागरिकता को नहीं दर्शाती है इसलिए इसे अनिवार्य दस्तावेज की सूची में नहीं रखा गया है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनाव आयोग को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए। और यदि यह प्रक्रिया शुरू करनी थी तो आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के कुछ महीनों पूर्व ही क्यों। जिस पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया कि यह कार्य 30 दिनों के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।