द फॉलोअप डेस्क
"This Time Nothing Is Well In NDA" क्या मतलब है उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान का? क्या NDA में सीट बंटवारे का मुद्दा NDA को तोड़ देगी, क्या अब उनके घटक दल अपना गठबंधन दूसरी पार्टी के साथ कर लेंगे? क्या भाजपा इन बगावती सुरों को शांत कर पाएगी? दरअसल NDA के घटक दलों में सीट बंटवारे के बाद भी कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में NDA के घटक दलों को मनाना ही अब भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सीट शेयरिंग के फोर्मुले जारी होने के बाद से RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर नाराज हो गये हैं। उनके बयान कह रहे हैं कि एनडीए में अब कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। .jpg)
वे सीट बंटवारे के बाद से लगातार सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। और वे बीते दिन एक बार फिर अपनी नारजगी जाहिर की है। जिससे बिहार की राजनीती का सियासी पारा एक बार फिर से चढ़ गया है। इसी बीच नाराज RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने अपने नेताओं से कह दिया है कि वो एनडीए के किसी भी प्रत्याशी के नामांकन में ना जाएं। जिसके बाद से यह माना जा रहा है कि NDA अब टूटने के कगार पर आ चुका है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि वे एक बार सीट बंटवारे को लेकर दिल्ली जाकर सीधे अमित शाह से बात करेंगे। नाराजगी के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में आज पार्टी नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई थी, लेकिन बाद में खुद उपेंद्र कुशवाहा ने जानकारी देकर कहा कि इस बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है।
उपेंद्र कुशवाहा ने जानकरी दी और कहा , ‘केंद्रीय गृहगृ मंत्री अमित शाह जी के साथ विमर्श हेतु गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय जी और मुझे अभी दिल्ली के लिए प्रस्थान करना है। इसलिए आज पार्टी के साथियों के साथ पटना स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित होनेवाली बैठक तत्काल स्थगित की गई है।’
बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा सीट बंटवारे से नाराज चल रहे हैं। दिल्ली में सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक में RLM को छह सीट देने पर सहमति बनी थी। उड़ दौरान RLM ने भी महज छह सीट पर अपनी हामी भरी थी। उपेंद्र कुशवाहा की शर्त रखी थी कि अपनी सीटें वह खुद तय करेंगे। भाजपा नेताओं ने इस पर सहमती जताई। RLM ने जिन 6 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की इच्छा जाहिर थी, उनमें सासाराम, मधुबनी, दिनारा, बाजपट्टी, महुआ और उजियारपुर शामिल थी, लेकिन मंगलवार शाम RLM को सूचना मिली कि महुआ सीट लोजपा (आर), जबकि दिनारा सीट जदयू को दी जा रही है। जिसके बाद RLM प्रमुख नाराज हो गए। NDA के सीट बंटवारे में भाजपा को 101, जदयू को 101, LJP(R) को 29, वहीं HAM और RLM को 6-6 सीटें दी गई थी। लेकिन अब RLM इस सीट बंटवारे न खुश दिख रहा है। जिससे NDA में एक टूट बनती दिखाई दे रही है।
बता दें कि नामांकन की आखिरी तिथि के दिन भी धीरे धोरे नजदीक आते जा रहे है, पहले चरण का नामांकन 10 अक्टूबर से शुरू किया गया था जिसकी आखिरी तिथि 17 अक्टूबर रखी गई है। वहीं दूसरी चरण की नामांकन की थी 13 अक्टूबर से 20 अक्टूबर रखी गई है। लेकिन अब तक सीट बंटवारे का मुद्दा NDA में नहीं सुलझ सका है। वहीं दूसरी ओर इंडिया महागठबंधन में भी अब तक मामला वैसा ही दिखाई दे रहा है। VIP प्रमुख मुकेश सहनी भी नाराज चल रहे हैं, जिससे सीट बंटवारे का मुद्दा अटका हुआ है। मुकेश सहनी की मांग है कि उन्हें डिप्टी CM का पद दिया जाए। लेकिन महागठबंधन इस पर विचार करने से कतराती दिख रही है। जिससे VIP के मुकेश सहनी नाराज हो गए है। अब देखना यह होगा कि दोनों गठबंधन सीट बंटवारे के मुद्दों कैसे सुलझा पाती है।