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पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का कहर, 48 घंटे में ब्रेन मलेरिया से 3 बच्चों ने तोड़ा दम

पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का कहर, 48 घंटे में ब्रेन मलेरिया से 3 बच्चों ने तोड़ा दम

पूर्वी सिंहभूम: 
East Singhbhum: पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। पिछले 48 घंटे में ब्रेन मलेरिया से तीन बच्चों की मौत ने ग्रामीण इलाकों में संक्रमण की भयावह स्थिति को सामने ला दिया है। शुक्रवार को एमजीएम अस्पताल में बोड़ाम के मोहनपुर निवासी छह वर्षीय शकुंतला सबर की इलाज के दौरान मौत हो गयी। इससे पहले डुमरिया के दो बच्चों की जान जा चुकी है। चिंताजनक यह है कि जिले में इस साल मलेरिया से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है और सभी मृतकों की उम्र 20 वर्ष से कम है। वहीं, जिले में अब तक 6500 से अधिक लोगों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। पिछले करीब 10 वर्षों में इस साल मलेरिया के सबसे अधिक मामले सामने आने की बात कही जा रही है।

ब्रेन मलेरिया के साथ जापानी इंसेफेलाइटिस से भी थी संक्रमित
बोड़ाम के मोहनपुर निवासी सुनील सबर की बेटी शकुंतला सबर पिछले एक सप्ताह से तेज बुखार, सिरदर्द और लगातार उल्टी से परेशान थी। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां शिशु रोग विभाग के चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा। जांच में बच्ची के सेरेब्रल मलेरिया के साथ जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) से भी संक्रमित होने की बात सामने आयी। दोहरे संक्रमण के कारण उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।

पोटका से डुमरिया तक मलेरिया का बढ़ता प्रकोप
जिले के ग्रामीण इलाकों में मलेरिया का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है। पोटका, मुसाबनी, पटमदा, डुमरिया, घाटशिला और चाकुलिया प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इन इलाकों में संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कम उम्र के मरीजों की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। जिले में इस साल मलेरिया से हुई 9 मौतों में छह पहले हो चुकी थीं, जबकि पिछले 48 घंटे में तीन और लोगों की जान चली गयी।

डेंगू के पांच नए मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
मलेरिया के बढ़ते प्रकोप के बीच जिले में डेंगू के पांच नये मरीजों की भी पुष्टि हुई है। इनमें सुंदरनगर के दो, बारीडीह और टेल्को के एक-एक मरीज के अलावा गम्हरिया का एक मरीज शामिल है। नये मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और सदर अस्पताल को विशेष सतर्कता बरतने तथा जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

प्रभावित इलाकों में जांच और जागरूकता अभियान
सिविल सर्जन ने बताया कि जिन इलाकों में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, वहां जिला सर्विलांस विभाग की टीमें भेजकर जांच और सर्च अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, मलेरिया से लगातार हो रही मौतों और डेंगू के नए मामलों के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण की रोकथाम और गंभीर मरीजों को समय पर प्रभावी इलाज उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
 

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