द फॉलोअप डेस्क, रांची:
Jharkhand News: कांग्रेस पार्टी से निष्कासित किए गए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव (Yogendra Saw) फिर विवादों में है। इस बार मामला कथित तौर पर सरकारी भवन गिराने का है। दरअसल, योगेंद्र साव पर आरोप है कि उन्होंने हजारीबाग (Hazaribagh) के हुरहुरु स्थित खासमहाल जमीन (Khasmahal Land) पर बने पुराने भवन को तुड़वा दिया है। रविवार को इसकी शिकायत मिलने पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपक कुमार (SDPO Rupak Kumar) और सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार (CO Ashutosh Kumar) दलबल के साथ विवादित स्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया।
योगेंद्र साव का दावा है कि यह जमीन उनकी है और उन्होंने बेटे की शादी के लिए साफ-सफाई के उद्देश्य से पुराना भवन तुड़वा दिया है।

खासमहाल जमीन पर सरकारी कार्यालय भी था
सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार का कहा है कि खासमहाल भूमि पर सरकारी कार्यालय भी था। इसे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने तुड़वा दिया जो कि गलत है। सदर अंचलाधिकारी का कहना है कि उन्हें स्थानीय वार्ड पार्षद के मार्फत शिकायत मिली थी, जिसकी जांच करने वह सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के साथ छानबीन के लिए पहुंचे। वहीं, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रूपक कुमार का कहना है कि बड़ा बाजार थाना और सदर सीओ से जानकारी मिली है कि मुजीबुर रहमान बनाम झारखंड सरकार से जुड़ा जमीन विवाद का मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
कोर्ट का आदेश है कि उक्त जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता। हालांकि, पुलिस को सूचना मिली कि वहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पाया कि जमीन पर खंडहरनुमा मकान अब दिखाई नहीं पड़ रहा है। इस केस में सुसंगत धाराओं में केस दर्ज करने की बात भी कही गई है।

योगेंद्र साव और जिला प्रशासन के बीच है पुराना विवाद
गौरतलब है कि खासमहाल जमीन को लेकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और जिला प्रशासन के बीच विवाद पुराना है। पुराना भवन तोड़ने के पीछे योगेंद्र साव ने तर्क दिया कि अगले महीने बेटे की शादी है, जिसके लिए मैं जमीन की साफ-सफाई करवा रहा हूं। उन्होंने दावा किया कि विवादित जमीन उनकी है। उन्होंने जिला प्रशासन पर परेशान करने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित किया है।