द फॉलोअप डेस्क
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राँची के ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर झारखंड की पारंपरिक कला, लोकनृत्य, और स्वादिष्ट व्यंजनों की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में पर्यटन निदेशक विजया जाधव, उप निदेशक राजीव कुमार और आईएचएम राँची के प्रधानाचार्य भूपेश कुमार सिंह जैसे अतिथियों की उपस्थिति रही। बच्चों और युवाओं को शामिल करने के लिए क्विज और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया।.jpg)
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पैनल चर्चा रही, जिसका विषय था – "ग्लोबलाइजेशन ऑफ ट्राइबल हेरिटेज: इन्क्लूसिव, रिस्पॉन्सिबल एंड सस्टेनेबल टूरिज्म"। इस पैनल में संगीता खन्ना, डॉ. निशिकांत कुमार, अलीशा गौतम उरांव, मानस मुखर्जी और डॉ. बासवी कीरो ने भाग लिया और आदिवासी विरासत को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पर्यटन को केवल मनोरंजन का साधन न मानकर, इसे सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता का माध्यम भी बनाया जाए।
अपने संबोधन में पर्यटन निदेशक विजया जाधव ने कहा कि झारखंड की अनमोल सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और समुदायों को अपनी कला और संस्कृति के माध्यम से रोज़गार के अवसर भी प्राप्त होते हैं।
कार्यक्रम के अंत में स्थानीय कलाकारों ने झारखंड के पारंपरिक नृत्यों की सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं और दर्शकों को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराया। यह आयोजन न केवल मनोरंजनपूर्ण रहा, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान को उजागर करने और पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सफल रहा।