रांची
रांची के सुकुरहुट्टू स्थित हवेली बैंक्वेट हॉल में आयोजित भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति (State Working Committee) की बैठक के दूसरे दिन राजनीतिक प्रस्ताव-2 (Political Resolution-2) को पटल पर रखा गया। नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) बाबूलाल मरांडी ने इस राजनीतिक प्रस्ताव-2 को प्रस्तुत किया। जबकि इस प्रस्ताव का अनुमोदन (Approval) पूर्व मुख्यमंत्री (Former Chief Minister) चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक (MLA) सत्येंद्र नाथ तिवारी एवं मंजू कुमारी ने किया। प्रदेश अध्यक्ष (State President) आदित्य साहू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में हेमंत सरकार की जनविरोधी नीतियों (Anti-people Policies) से जुड़े मुद्दों को विस्तार से उठाते हुए राजनीतिक प्रस्ताव-2 को सर्वसम्मति (Unanimously) से पारित किया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि झारखंड के अमर बलिदानियों (Immortal Martyrs) की पावन धरती आज झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार (JMM-Congress-RJD Alliance Government) के कुशासन (Misgovernance), भ्रष्टाचार (Corruption), बेरोजगारी (Unemployment) और बदहाल कानून-व्यवस्था (Poor Law and Order) से आहत है।
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जनविरोधी नीतियों ने गहरी चोट पहुंचाई
कहा कि भाजपा के संघर्ष और जनआकांक्षाओं से अस्तित्व में आए झारखंड की अस्मिता को वर्तमान सरकार की वादाखिलाफी और जनविरोधी नीतियों ने गहरी चोट पहुंचाई है। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक संवेदनहीनता ने जनता की उम्मीदों को झकझोर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति इस जनविरोधी सरकार के विरुद्ध जनआवाज को बुलंद करते हुए व्यापक जनसंघर्ष का संकल्प लेती है। भाजपा का दृढ़ विश्वास है कि झारखंड का भविष्य भ्रष्टाचार और कुशासन में नहीं, बल्कि सुशासन, रोजगार, बेहतर शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन में निहित है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विकसित झारखंड का संकल्प पूरा होगा। प्रस्ताव में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2019 से झारखंड की सत्ता में काबिज सरकार ने जनता को विकास के सपने दिखाए, लेकिन धरातल पर निराशा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार ही मिला। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं। गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े, महिलाएं, किसान और युवा सरकार की वादाखिलाफी से परेशान हैं। कार्यसमिति ने आरोप लगाया कि पांच लाख नौकरी प्रतिवर्ष, बेरोजगारी भत्ता, हर घर में सरकारी नौकरी, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, किसानों को ₹3,200 प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य और महिलाओं को सम्मान राशि देने जैसे वादे पूरे नहीं हुए।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर संपन्न कराने की मांग
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति ने पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया अविलंब पूरी कराने तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर संपन्न कराने की मांग की। कार्यसमिति ने स्पष्ट किया कि झारखंड की जनता के अधिकारों, युवाओं के भविष्य और राज्य के विकास के सवाल पर भाजपा चुप नहीं बैठेगी तथा सरकार की वादाखिलाफी और जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष तेज करेगी। कार्यसमिति ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग को लेकर हमला बोला। प्रस्ताव में कहा गया कि झारखंड अपार खनिज संपदा और राजस्व क्षमता वाला राज्य होने के बावजूद विकास की अपेक्षित गति हासिल नहीं कर पा रहा है। खनिज संपदा का लाभ आम जनता तक पहुंचने, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के मामले में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। भाजपा ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों और प्रशासनिक विफलताओं ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है। जनता को घोषणाएं नहीं, बल्कि पारदर्शी शासन और जवाबदेही चाहिए। प्रस्ताव में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के राजनीतिक प्रस्ताव में अबुआ सरकार बनी ठगुआ सरकार, आदिवासी विरोधी राज्य सरकार, भ्रष्टाचार हेमंत सरकार की पहचान, सरकार की नीयत में भारी खोट—युवाओं और छात्रों के भविष्य पर चोट, बेलगाम अपराध—मदहोश सरकार, एमएमडीआर संशोधन अधिनियम का विरोध—खनन माफियाओं के संरक्षण की मंशा, घुसपैठ और बदलती डेमोग्राफी—एसआईआर का विरोध क्यों आदि विषयों को रेखांकित कर विस्तार पूर्वक राज्य सरकार की विफलता को प्रस्ताव में दर्शाया गया है।

ये संकल्प लिये गये
इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर ही प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम मन की बात को सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा सुना गया। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह के द्वारा किया गया।
