द फॉलोअप डेस्क
धनबाद जिले से ऑनलाइन ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां अपराधियों ने एक भाई की दुहाई दी, फिर उसी भाई ने बहन से लाखों रुपए की ठगी कर ली। यह मामला पुटकी थाना क्षेत्र के भागाबांध ओपी क्षेत्र के भागाबांध बस्ती का बताया जा रहा है। .jpeg)
जानकारी के मुताबिक तिलकी देवी की नाबालिग बेटी के साथ इंस्टाग्राम (8092614160) के जरिये एक युवक ने बातचीत शुरू की। लड़के ने कहा कि मेरी कोई बहन नहीं है। तुम ही मेरी बहन हो। मैं तुम्हारे लिए गिफ्ट भेज रहा हूं। गिफ्ट भेजने के लिए एयरपोर्ट जा रहा हूं। डिलिवरी के लिए आए तो तुम रिसीव कर लेना। जिस पर नाबालिग ने कहा कि ठीक है भाई। इसके थोड़ी ही देर बाद फिर उसी नंबर से बताया गया कि उसकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है और इलाज के लिए पैसे भेजने के लिए कहा गया। जिसके बाद नाबालिग ने अपनी मां को फोन दे दिया। कुछ देर बाद उसी नंबर से दोबारा फोन आया और कहा गया कि आपकी वजह से ही मेरा एक्सीडेंट हुआ है। अगर पैसे नहीं दी तो पुलिस आपके घर पहुंचेगी और तुम्हें घसीटते हुए ले जाएगी ।
पीड़िता तिलकी देवी ने बताया कि "धमकी देने के बाद युवक के द्वारा मोबाइल पर एक वीडियो भी भेजा गया, जिसमें एक महिला को पुलिस ले जा रही थी। यह सब देखकर मैं डर गई। और सऊदी अरब में रहने वाले अपने भाई को फोन किया। भाई ने मेरे बैंक अकाउंट में पैसे भिजवाए। फोन करने वाले लड़के ने स्कैनर भेजा, जिसके जरिए उसे 2 लाख 7 हजार 201 रुपए ट्रांसफर किया गया। इसके बाद भी वह 3 लाख रुपए की और मांग करने लगा।"
पीड़िता ने आगे बताया कि इस घटना की जानकारी अपने पड़ोसियों और आसपास के लोगों को दी, जिस पर लोगों ने साइबर फ्रॉड होने की बात कही।
साइबर फ्रॉड होने की बात पता चलते ही पीड़िता सरायढेला साइबर थाना पहुंची और मामले की पूरी जानकारी दी। साइबर थाना द्वारा पहले नेशनल पोर्टल पर ऑनलाइन मामला दर्ज कराने के लिए कहा गया। जहां पहले ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई फिर साइबर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज हुई। इसके बाद साइबर थाना पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई। 
घटना को लेकर साइबर थाना प्रभारी रविकांत प्रसाद ने कहा कि इस मामले को लेकर पीड़िता द्वारा लिखित आवेदन मिला है। पीड़ित के द्वारा नेशनल पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि नेशनल पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन शिकायत के 24 घंटे के बाद साइबर थाना को भी शिकायत मिलती है। शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर साइबर अपराधियों की छानबीन की जाएगी।