रांची
सरना आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था का प्रतीक मुड़मा जतरा इस बार 8 और 9 अक्टूबर को आयोजित होगा। जतरा की तैयारी को लेकर रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने की।
बैठक में जतरा के सफल संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का संकल्प लिया।
मुड़मा जतरा हर साल आदिवासी समाज के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है, जिसमें दूर-दराज़ से श्रद्धालु शामिल होते हैं।
