द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत शिवनाथपुर पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय कोड़ेदाग में कक्षा 1 से 10 तक की पढ़ाई होती है। स्कूल में कुल 371 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन सभी बच्चों के लिए सिर्फ तीन कमरे ही उपलब्ध हैं। इन्हीं कमरों में पहली से दसवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं और बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र चार प्राथमिक शिक्षक तैनात हैं।
स्कूल के प्रधानाध्यापक मनमोहन मिश्रा और अन्य शिक्षकों ने बताया कि स्कूल की जमीन बहुत छोटी है और पहले यहां सात कमरे थे। इनमें से चार कमरे अत्यंत जर्जर हो चुके थे, जिसके कारण उन्हें तोड़ने का आदेश दे दिया गया। अब स्कूल के पास केवल तीन कमरे बचे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। भवन की कमी के कारण न तो अतिरिक्त गतिविधियों के लिए जगह बचती है, न ही बच्चों को पर्याप्त वातावरण मिल पाता है।
शिक्षकों ने बताया कि गांव में एक बड़ी सरकारी जमीन उपलब्ध है, जिसे ग्राम सभा ने स्कूल के लिए पारित भी कर दिया है। यदि उस जमीन पर नए स्कूल भवन का निर्माण हो जाए तो बेहतर स्कूल के साथ-साथ बच्चों के खेलने के लिए मैदान भी बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल अब सिर्फ चार प्राथमिक शिक्षकों के सहारे चल रहा है, जिनमें से एक शिक्षिका डेढ़ साल से अस्वस्थ हैं। ऐसे में कक्षा 1 से 10 तक की पढ़ाई के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति बेहद आवश्यक है।
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने बताया कि नए स्कूल भवन का प्रपोजल राज्य सरकार को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही नए भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा। शिक्षकों की कमी पर उन्होंने कहा कि फिलहाल वहां नए पद सृजित नहीं होने के कारण नियुक्ति संभव नहीं है, लेकिन भविष्य में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा शिक्षक उपलब्ध संसाधनों में अच्छा काम कर रहे हैं।
