द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के 45 मजदूर के सऊदी अरब के फंसने की जानकारी सामने आई है। इनमें 25 मजदूर हजारीबाग जिले से हैं। वहीं अन्य बोकारो और गिरिडीह के हैं। मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपने फंसने की जानकारी साझा की है। वीडियो में उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से वतन वापसी के लिए गुहार लगाई है। कहा जा रहा है कि इन मजदूरों को काम के बदले कंपनी ने 5 महीने का पैसा नहीं दिया है। उनके खाने-पीने पर संकट आ गया है। इतना ही नहीं इन सभी मजदूरों की वीजा अवधि भी समाप्त हो गई है। मजदूरों के सऊदी अरब में फंस जाने की सूचना के बाद उनके परिजन परेशान हैं।

नहीं मिल रहा मजदूरी का पैसा
मजदूरों ने जारी किए गए वीडियो में बताया है कि बीते 11 मई को सभी मजदूर कॉमर्शियल टेक्नोलॉजी कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट पर ट्रांसमिशन लाइन में काम करने के लिए सऊदी अरब गए थे। इसके एवज में बतौर कमीशन 55 हजार रुपए उन्हें देना पड़ा था। काम के बदले लाइनमैन को 15 सौ रियाल (करीब 33 हजार), हेल्पर को 11 सौ रियाल (करीब साढ़े 24 हजार) के अलावा ओवरटाइम के लिए 750 रियाल तथा खाने-पीने के लिए अलग से 300 रियाल देने का आश्वासन मिला था। सात महीना काम करवाकर कंपनी ने केवल दो महीने की मजदूरी दी है। बकाया मांगने पर टाल मटोल कर रहे है।