द फॉलोअप डेस्क
रामगढ़ के पतरातू से गिरफ्तार 5 साइबर अपराधियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जेल भेजने से पहले पुलिस पूछताछ में उनलोगों ने अपनी चोरी करने के तरीके को बताया है। उन्होंने बताया कि वो लोग से ठगी बैंक अधिकारी बनकर करते थे। अबतक 500 लोगों को चूना लगा चुके हैं। आरोपियों ने करीब 50 करोड़ की ठगी की है। सीआईडी आईजी ने बताया कि आरोपी लोन दिलाने के नाम पर लोगों से दस्तावेज लेते थे। इसके बाद SBI बैंक से उनके नाम पर लोन लेते थे फिर उस पैसे को अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया करते थे।

फर्जी तरीके से करते थे लोन अप्लाई
सीआईडी आईजी ने बताया कि आरोपियों में कमल कुमार सिंह,जमीर मियां,बिट्टू कुमार,मेहर कुमार और राहुल कुमार शामिल हैं। आरोपी कमल और जमीर खुद को SBI हेड ऑफिस का अधिकारी बताया करते थे। इसके बाद लोगों से दस्तावेज लेते और कुछ कागजों में उनसे हस्ताक्षर करवाते। बाद में बैंक जाकर उनके नाम से लोन अप्लाई कर देते थे। सांठ-गांठ के कारण लोन पास भी हो जाता था। लोन के पैसे खाते में आते ही उसे अपने अकांउट में ट्रांसफर कर लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने अपने गिरोह के अन्य लोगों के नाम भी बताएं है। सीआईडी की टीम को आरोपियों के दफ्तर से दस्तावेज, मोबाइल,लौपटॉप, डेस्कटॉप के अलावा कई अन्य दस्तावेज मिले हैं।

बैंक नोटिस आने के बाद लोगों को ठगी के बारे में चला पता
SBI की ओर से सीआईडी को इस बात की जानकारी दी गई थी कि कुछ लोग फर्जी ढंग से लोगों को लोन दिलवाने के नाम पर ठगी कर रहे हैं। इसी शिकायत के बाद सीआईडी की टीम एक्शन में आ गई थी।ठगों को पुलिस ने 15 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। बैंक अधिकारियों को पांडेय गिरोह के नाम पर डरा-धमका कर लोन पास करवाते थे। जब लोगों के पास बैंक का नोटिस पहुंचता तो उन्हें पता चलता था कि उनके साथ ठगी हुई है।