द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा गांव में सोमवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने एक अत्यंत विषैला ‘खरिश’ सांप देखा। सांप के दिखाई देते ही पूरे गांव में डर और दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह सांप बेहद खतरनाक होता है और इसके काटने से कुछ ही पलों में जान जा सकती है। सांप को देखते ही शुरुआत में लोग घबरा गए, लेकिन बाद में गांव के कुछ युवाओं ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे पकड़ लिया। पहले सांप को एक बोरे में बंद किया गया, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाद में उसे एक बड़े ड्रम में डाल दिया गया, ताकि वह बाहर निकलकर किसी को नुकसान न पहुंचा सके। ग्रामीणों ने बताया कि उनका उद्देश्य सांप को मारना नहीं था, बल्कि उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर वन विभाग को सौंपना था। इसी वजह से उन्होंने उसे कैद कर लिया और तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
हालांकि इस मामले में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। गांव के निवासी नबीब अंसारी के अनुसार, सोमवार शाम सांप पकड़े जाने के तुरंत बाद वन विभाग को कई बार फोन किया गया, लेकिन अधिकारियों की ओर से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने बताया कि कथित तौर पर अधिकारियों ने यह कहकर तुरंत टीम भेजने से मना कर दिया कि केवल एक सांप के लिए तत्काल कर्मचारी नहीं भेजे जा सकते। सबसे हैरानी की बात यह रही कि सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे तक, यानी लगभग साढ़े 16 घंटे बीत जाने के बाद भी वन विभाग की कोई रेस्क्यू टीम गांव नहीं पहुंची। इस दौरान सांप ड्रम के अंदर ही रेंगता रहा, जिससे पूरी रात ग्रामीणों में डर का माहौल बना रहा और लोग अनहोनी की आशंका के चलते सो भी नहीं सके।
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