रांची
आज दिनांक 22 सितंबर, 2025 को सदर अस्पताल, रांची के ओटी परिसर में लेप्रोस्कोपी सर्जरी की शुरुआत की पांचवीं वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर केवल वर्षगांठ ही नहीं, बल्कि अस्पताल प्रशासन ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार द्वितीय पाली में ऑपरेशन की भी शुरुआत की, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके।
सदर अस्पताल रांची को 22 सितंबर 2020 को झारखंड का पहला जिला अस्पताल बनने का गौरव प्राप्त हुआ था, जहां कोविड महामारी के दौरान लेप्रोस्कोपी सर्जरी की शुरुआत की गई थी। आज पांच साल बाद, अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि का जश्न केक काटकर मनाया। इन वर्षों में सैकड़ों मरीजों का इलाज मिनिमली इनवेसिव सर्जरी विधि के तहत सफलतापूर्वक किया गया है।

हाल के वर्षों में मरीजों की संख्या में वृद्धि के कारण ऑपरेशन कराने वाले लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। इस चुनौती का समाधान करते हुए सदर अस्पताल प्रशासन ने निर्णय लिया कि वर्तमान संसाधनों का उपयोग कर द्वितीय पाली में ऑपरेशन शुरू किए जाएं। इस नई पहल से मरीजों को तत्काल लाभ मिलेगा और अस्पताल की सेवा क्षमता बढ़ेगी।
पाँच सफल वर्षों की उपलब्धि पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने संयुक्त रूप से केक काटकर चिकित्सकों एवं ओटी कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। साथ ही उन्होंने Evening OT की शुरुआत फीता काटकर की।

सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि नवंबर के आसपास Surgery Department में PG (DNB) की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही इमरजेंसी ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। Evening OT में NEUROSURGERY, Orthopaedic, Pulmonology, Plastic Surgery, General Surgery, Gynae सहित अन्य विभागों के मरीजों का ऑपरेशन और इलाज किया जाएगा।
इस अवसर पर चिकित्सकों ने कहा कि पांच साल पहले शुरू की गई लेप्रोस्कोपी सर्जरी अब अपना फल दिखा रही है। सदर अस्पताल में वर्तमान में 7 Modular OT कार्यरत हैं, और आज Evening OT एवं OT परिसर (7th floor) में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सुविधा भी शुरू की गई।
मौके पर OT INCHARGE डॉ. अजीत कुमार, डॉ. नीरज, डॉ. विकास बल्लभ, डॉ. स्टीफन खेस, डॉ. वसुधा, डॉ. तन्मय, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. धनंजय, Sister In Charge सिस्टर नेली, स्नेहलता, माला सिन्हा एवं समस्त ओटी स्टाफ उपस्थित रहे। सदर अस्पताल रांची की यह पहल न केवल मरीजों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
