द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में तेजी से बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अपनी सख्ती जारी रखी है। 28 नवंबर को आयोजित व्यापक अभियान के ठीक अगले दिन, 29 नवंबर 2025 को उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) ज्ञान शंकर जायसवाल और थाना प्रभारी महेंद्र करमाली के नेतृत्व में गुमला थाना के सामने एक व्यापक और सघन जांच अभियान चलाया गया। डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल अपनी टीम और पुलिस बल के साथ मुख्य मार्गों पर अचानक तैनात हो गए। इस सघन घेराबंदी से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया और किसी भी प्रकार का बहाना नहीं चल पाया। इस विशेष पहल के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 160 लोगों को पकड़ा गया। प्रशासन ने इन उल्लंघनकर्ताओं से कुल 2,25,000 का जुर्माना वसूल किया।
अभियान का मुख्य जोर जीवन रक्षक नियमों पर था। डीटीओ की टीम ने दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता और चार पहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया। मोटर यान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमों का निरंतर उल्लंघन करने वाले चालकों पर कड़ा नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना है। जाँच के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रकार के गंभीर उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई की, जिनमें प्रमुख थे: हेलमेट का उपयोग न करना, ‘ट्रिपल राइडिंग’, तेज गति से वाहन चलाना, सीट बेल्ट का उपयोग न करना, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, परमिट और पीयूसी (PUC) के बिना वाहन चलाना, प्रेशर हॉर्न और अन्य अनाधिकृत उपकरणों का उपयोग, तथा टेंपो/पिकअप जैसे मालवाहक वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सामान लादना (ओवरलोडिंग)।
पकड़े गए चालकों पर आर्थिक दंड लगाने के साथ ही, एमवीआई रॉबिन अजय सिंह ने उन्हें सड़क पर लापरवाही के गंभीर परिणामों के बारे में व्यक्तिगत रूप से समझाया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि "जान बचानी है तो सुधार जाएं; हेलमेट रहेगा साथ, जिंदगी भी साथ रहेगी। हेलमेट घर पर छोड़ेंगे, जिला प्रशासन आपको नहीं छोड़ेगी।" रॉबिन अजय सिंह, प्रदीप कुमार तिर्की, डीटीओ कार्यालय के कर्मचारी और पुलिस बल प्रमुख रूप से उपस्थित थे। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ और भी कठोर और कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
