द फॉलोअप डेस्क
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड में गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें जंगली हाथियों के झुंड ने एक युवक को कुचलकर मार डाला। मृतक की पहचान राजू पुरती (24 वर्ष), पिता मालो पुरती, निवासी ग्राम सादमासाई, पंचायत आसनपाट के रूप में की गई है। घटना ने पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे हाथियों का एक बड़ा झुंड गांव के खेतों में घुस आया। खेतों को नुकसान से बचाने के लिए गांव के कुछ युवक हाथियों को भगाने पहुंचे। इसी दौरान झुंड अचानक पलटकर हमला कर दिया। हड़बड़ी में भागते वक्त राजू पुरती फिसलकर गिर पड़ा। इससे पहले कि वह उठ पाता, एक हाथी ने उसे पटक-पटक कर कुचल दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। यह दृश्य देखकर अन्य युवक किसी तरह जान बचाकर भागे।
ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों का यह झुंड कई दिनों से क्षेत्र में घूम रहा था। रात होने पर लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं, जबकि खेतों में फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। बार-बार की घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। वहीं, हादसे के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। उनका कहना है कि झुंड कई दिनों से गांव के आसपास मौजूद था, लेकिन विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि राजू पुरती मजदूरी कर परिवार चलाता था। उसके दो छोटे बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
दूसरी ओर सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पहुंची। टीम ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पीड़ित परिवार को जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराई जायेगी। गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम में पिछले कुछ वर्षों से मानव-हाथी संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में भोजन-पानी की कमी, प्राकृतिक मार्ग बाधित होना और मानव हस्तक्षेप में वृद्धि इसके प्रमुख कारण हैं। लगातार मॉनिटरिंग के बावजूद घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।
बता दें कि राजू की मौत के बाद गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में गहरा आक्रोश और भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि गांव में नियमित पेट्रोलिंग की जाए, हाथियों की बढ़ती गतिविधियों पर तत्काल नियंत्रण हो, मृतक परिवार को शीघ्र मुआवजा दिया जाए, सुरक्षा के ठोस उपाय सुनिश्चित किए जाएं। राजू पुरती की अचानक मौत ने उसके परिवार और पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग सतर्क होता तो शायद यह हादसा टल सकता था। अब वे प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं।
.jpg)