द फॉलोअप डेस्क
साहिबगंज जिले में आधार कार्ड बनाने के नाम पर हो रहे एक फर्जीवाड़े का खुलासा बीते शुक्रवार की देर रात को किया गया है। जहां जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र की पुलिस ने अवैध रूप से जाली दस्तावेज़ों के सहारे आधार कार्ड बनाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। युवकों के पास से बरामद लैपटॉप की जांच पड़ताल के दौरान उसमें असम की आईडी मिली, जिसके माध्यम से मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर आधार बनाया जा रहा था। 
जिसके बाद जाली दस्तावेज के सहारे अवैध रूप से आधार कार्ड बनाने के मामले में साहिबगंज के जिरवाबाडी थाना पुलिस ने मदनसाही से दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार युवकों में मोनू चौधरी सोती चौकी पगरो और राजदेव उरांव हाथीगढ़ सकरीगली का निवासी बताया गया है। मोनू चौधरी मदनसाही में ही बैंक ऑफ़ इंडिया के सीएसपी संचालक है। .jpg)
डीएसपी मुख्यालय विजय कुमार कुशवाहा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मिली सूचना के आधार पर जिरवाबाडी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीएसपी संचालक मोनू चौधरी एवं राजदेव उरांव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सीएसपी से आधार कार्ड बनाने वाला स्कैनर मशीन के साथ थंब स्कैनर और आई स्कैनर सहित कई आधार कार्ड को भी जब्त किया है।
इसमें से कई आधार कार्ड संदेहास्पद पाए गए हैं, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यूआईडीआई पदाधिकारी संदीप कुमार के बयान पर जिरवाबाडी थाना में प्राथमिक की दर्ज कर पुलिस मामले की गंभीरता पूर्वक छानबीन कर रही है। चर्चा है कि आसाम के आईडी और पासवर्ड पर साहिबगंज के मदनशाही में संचालित एक सीएसपी में जाली दस्तावेज के सहारे बांग्लादेशियों का आधारकार्ड बनवाने का कार्य चल रहा था।
जिसकी सूचना जिले के यूआईडीआई पदाधिकारी संदीप सिंह को मिली थी, इसके बाद उनके द्वारा जिरवाबाडी थाना में इसकी सूचना दी गई थी, इसके आलोक में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त दोनों युवकों को दबोचने में सफलता प्राप्त की थी।