रांची
आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस–राजद ने झामुमो को औकात बता दी है। तेजस्वी यादव ने झारखंड के मंत्री संजय यादव के पुत्र को बिहार में टिकट दे दिया, लेकिन झामुमो को एक भी सीट के लायक नहीं समझा। झामुमो में जरा भी स्वाभिमान है तो उसे अविलंब झारखंड विरोधी ताकतों राजद–कांग्रेस से नाता तोड़ लेना चाहिए। प्रभाकर ने कहा कि बिहार चुनाव के कूचे से बेआबरू होकर निकलने के बाद झामुमो में नैतिक साहस और दम है तो वह राजद–कांग्रेस के मंत्रियों को सरकार से निकाल बाहर करे, तभी झारखंड की जनता और स्व शिबू सोरेन की गरिमा की रक्षा हो पाएगी।

प्रभाकर ने कहा कि राजद–कांग्रेस के साथ झामुमो का गठजोड़ स्वाभाविक नहीं बल्कि अवसरवादी गंठबंधन है। दोनों दल झारखंड विरोधी भूमिका में रहे हैं और जब भी मौका मिला झारखंड आंदोलन की सौदेबाजी की। लालू प्रसाद ने तो यहां तक बयान दे दिया था कि झारखंड मेरी लाश पर बनेगा। इसके बाद भी उनके एकमात्र विधायक को हेमंत सोरेन ने मंत्री बनाकर रखा था। प्रभाकर ने कहा कि कई दिनों से झामुमो इस आस में था कि उसे भी बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की सीटों के बंटवारे में हिस्सा मिलेगा। झामुमो नेता लगातार दावा कर रहे थे और झामुमो के मंत्री और महासचिव तेजस्वी के दरबार में हाजिरी भी लगा आए थे।
