नंदलाल तुरी
प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम होने के बावजूद घर नहीं मिलने से नाराज़ हिरणपुर प्रखंड के तोड़ाई पंचायत के दर्जनों ग्रामीण मंगलवार को उपायुक्त पाकुड़ से मिले और अपनी समस्याएँ विस्तार से रखीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव आवास दिलाने के लिए पैसे की मांग करती है और जिनके पास पक्का मकान है, उनके नाम सूची में ऊपर कर उन्हें आवास दे दिया जाता है।
ग्रामीणों का कहना था कि कई परिवार प्लास्टिक ढककर घरों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने कहा, “हम गरीब हैं, पैसा नहीं दे सकते, इसलिए सचिव हमारा नाम आगे नहीं बढ़ाती।” बिचौलियों के माध्यम से वसूली की शिकायत भी दर्ज कराई गई। ग्रामीणों के साथ पहुंचे हिरणपुर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मनोवर आलम ने बताया कि कई लाभुकों के घरों की स्थिति अत्यंत खराब है, फिर भी सूची में उनका नाम नीचे है। उन्होंने सवाल उठाया, “अंततः किस आधार पर अंक दिए जा रहे हैं? जरूरतमंद पीछे और पक्का मकान वाले आगे यह कैसे संभव है?”
मनोवर आलम ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर बीडीओ से भी बात की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। उपायुक्त से मिलने वालों में बुधनी देवी, बनी देवी, राधियां देवी, रूबी देवी, रूपाली देवी, मुंशिया देवी, साबिया देवी, रीटा देवी, कल्पना देवी, प्रकाश रविदास और श्याम चंद रविदास शामिल थे। ग्रामीणों ने मांग की कि मामले की जांच कर वास्तविक गरीबों को प्राथमिकता देते हुए आवास स्वीकृत किया जाए।
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