देवघर:
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) का आगमन एक बार फिर झारखंड में होने जा रहा है। 4 फरवरी को अमित शाह देवघर दौरे पर रहेंगे। वह बाबा बैद्यनाथ (Baba Baidyanath) का दर्शन कर उनकी पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही वो जसीडीह के इंडस्ट्रियल एरिया में इफको के नैनो खाद कारखाने की आधारशिला रखेंगे। इसकी जानकारी गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे (Godda MP Nishikant Dubey) ने ट्वीट कर लिखा। बता दें कि यह गृहमंत्री का एक महीने के अंदर दूसरा झारखंड दौरा है। अमित शाह के आने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले चुनावों का शंखनाद बीजेपी संथाल परगना के देवघर से ही शुरू करने वाली है। हाल ही में बीजेपी ने अपनी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक देवघर में ही की थी।अमित शाह के आगमन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया।

निशिकांत दुबे ने दी जानकारी
निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर लिखा कि “आदरणीय गृहमंत्री जी संथालपरगना को एक बड़ी सौग़ात इफ़को खाद के कारख़ाने का शिलान्यास करने व बाबा बैद्यनाथ जी का दर्शन करने 4 फ़रवरी को देवघर आएंगे ।जय शिव@dprakashbjp @BJP4Jharkhand @yourBabulal @bjpkarmveer @drusawasthi”
आदरणीय गृहमंत्री जी संथालपरगना को एक बड़ी सौग़ात इफ़को खाद के कारख़ाने का शिलान्यास करने व बाबा बैद्यनाथ जी का दर्शन करने 4 फ़रवरी को देवघर आएँगे ।जय शिव@dprakashbjp @BJP4Jharkhand @yourBabulal @bjpkarmveer @drusawasthi pic.twitter.com/q1IjVkuN3X
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) January 30, 2023
देवघर और गोड्डा की जनता को सीधा संदेश देंगे
अमित शाह देवघर के जसीडीह के इंडस्ट्रियल एरिया में इफको के नैनो खाद कारखाने की आधारशिला रखेंगे। फैक्ट्री की आधारशिला रखे जाने के बाद उसी मैदान में एक रैली का आयोजन किया जाएगा। जहां अमित शाह देवघर और गोड्डा की जनता को सीधा संदेश देंगे। इसके बाद अमित शाह रामकृष्ण मिशन आश्रम के एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।

आत्मनिर्भर भारत का सपना होगा साकार
बता दें कि भारतीय कंपनी इफ्को द्वारा बनाए जा रहे इस कारखाने से न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा, बल्कि पीएम मोदी का एक यूरिया के विकल्प के रूप में दूसरे उर्वरक का विकसित करने का सपना भी पूरा होगा। इफ्को की इस फैक्ट्री में नैनो नाम का उर्वरक बनेगा। इसकी खासियत ही यही है कि अब किसानों को अपनी साइकिल या फिर बैलगाड़ी पर खाद के बोरे ढोने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे बाजार से नैनो खाद की बोतल अपने थैले में लेकर अपने गांव वापस जा सकेंगे।