द फॉलोअप डेस्कः
झारखंड में आंगनबाड़ी चलो अभियान की शुरुआत होगी। इसके तहत स्कूल जाने से पहले बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। तीन से चार वर्ष के बच्चों के लिए नवकदम, चार से पांच साल के बच्चों को शिशु कदम और पांच से छह साल के बच्चों को बाल कदम से जाना जाएगा। हर साल बच्चों को दो टी-शर्ट, दो पैंट बच्चियों के लिए स्कर्ट, जूता और दो जोड़ी मोजा, कॉपी-किताब भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इस योजना में एक बच्चे पर सालाना 1400 रुपये का खर्च आएगा, जिसमें बच्चे को बेंच और डेस्क भी दिया जाएगा। योजना पर 211.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय हुआ। कैबिनेट की बैठक में महात्मा गांधी के अनुयायी कहे जाने वाले टाना भगतों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके साथ ही 20 लाख परिवारों को अबुआ आवास दिया जाएगा, जबकि पीएफएमएस की जगह एनईएफटी के माध्यम से पेमेंट होगा। इसके अलावा सरकार व कांट्रेक्टर के बीच पेमेंट का विवाद अब कोर्ट नहीं जाएगा। इसके लिए आरबीट्रेशनल ट्रिब्यूनल बनाया जाएगा, जिसमें मामलों का निबटारा होगा। 
राज्य में टाना भगतों की आबादी लगभग 20 हजार है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने हाल ही में 125 यूनिट बिजली हरेक माह उपभोक्ताओं को देने की घोषणा की है। इससे पहले 100 यूनिट बिजली हर माह निश्शुल्क दी जा रही थी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में आठ लाख की जगह 20 लाख लोगों को अबुआ आवास देने की स्वीकृति प्रदान की गई है।