द फॉलोअप डेस्कः
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की सहमति के बाद 20 जनवरी 2024 को ईडी की टीम सीएम आवास पर बयान दर्ज करेगी। लेकिन इससे पहले आदिवासी संगठनों का पारा हाई हो गया है। कई आदिवासी संगठनों ने ऐलान कर दिया है कि अगर सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी कोई एक्शन लेती है तो विद्रोह का बिगुल फूंक दिया जाएगा। शुक्रवार को दिन के 11 बजे कई आदिवासी संगठन मोरहाबादी से पैदल मार्च करते हुए राजभवन पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

केंद्र के इशारे पर काम कर रही ईडी
गुरुवार को ही केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि केंद्र के इशारे पर ईडी एक आदिवासी सीएम को परेशान कर रही है। ईडी सिर्फ गैर भाजपा शासित राज्यों में कार्रवाई कर रही है। केंद्र व ईडी का मकसद हेमंत सरकार को अस्थिर करने की है। इससे झारखंड के लोगों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि समन की आड़ में मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को झारखंड के कई जिलों से आदिवासी व अन्य लोग जैसे गुमला, लोहरदगा, रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग व अन्य जगह से आएंगे। सभी मोरहाबादी में जुटेंगे, फिर यहां से ढोल नगाड़ा बजाकर राजभवन पैदल मार्च करेंगे। ईडी की कार्रवाई के खिलाफ 19 जनवरी को राजभवन के सामने कई आदिवासी संगठनों के बैनर तले पारंपरिक हथियार के साथ प्रदर्शन किया जाएगा।

"सरकार के साथ साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे"
केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि एक आदिवासी सीएम को बार-बार समन जारी करना सरकार को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा है। अजय तिर्की ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार के साथ साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह झारखंड के लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि सभी आदिवासी जनसंगठनों ने निर्णय किया है कि 19 जनवरी को राजभवन के समक्ष दिनभर विरोध प्रदर्शन करेंगे।