द फॉलोअप डेस्क
सेना की जमीन के पास निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन के खिलाफ रक्षा मंत्रालय की ओर से दाखिल याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को फैसला दिया। सभी पक्षों की ओर से बहस सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय की अदालत ने इस मामले फैसला सुनाते हुए सेना द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही रांची के जिमखाना क्लब की भूमि के पास बन रहे न्यूक्लियस की बिल्डिंग के निर्माण का रास्ता साफ हो गया।

नक्शा पहले से होने की बात कोर्ट में कही
मंत्रालय की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार और प्रभात कुमार सिन्हा ने बहस की। बताया कि रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी संकल्प के मुताबिक, सेना कार्यालय के 50 मीटर के दायरे में चार तल्ले से ज्यादा ऊंचा भवन नहीं बनाया जा सकता। वहीं, सुनवाई के दौरान खेलगांव में निर्माण कर रहे एनसीसी इंफ्रा ने कोर्ट को बताया कि उनका नक्शा बहुत पहले पास हुआ है। अभी निर्माण हो रहा है। ऐसे में रक्षा मंत्रालय का वर्ष 2022 में जारी संकल्प उनपर लागू नहीं होता। वहीं, कोर्ट को यह भी बताया गया कि जिमखाना क्लब में निर्माण से पहले भी वहां कई बहुमंजिला भवन बने हुए हैं। बताते चलें कि इस निर्माण कार्य में न्यूक्लियस ग्रुप भी शामिल है।
हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT