रांची:
धनबाद के जोड़ाफाटक स्थित आशीर्वाद टावर (Ashirwad Tower) में लगी आग पर झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand Highcourt) ने स्वत: संज्ञान लिया है। मामले में आज (2 फरवरी) को सुनवाई होगी। इस घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 35 लोगों के घायल होने की खबर है। जिनका इलाज जिले के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। बता दें कि यह बीते एक सप्ताह का तीसरा मामला है। अबतक कुल 23 लोगों की मौत हो गई है।

जहां आग लगी वहां बेटी की शादी थी
जिस अपार्टमेंट में आग लगी है उसमें एक घर में शादी थी। आग की चिंगारी ने दुल्हन के पूरे परिवार को अपनी आगोश में ले लिया है। सबसे दुख की बात तो यह है कि दुल्हन को इस बारे में पता ही नहीं था कि उसका पूरा परिवार जल चुका है। शादी सुबोध श्रीवास्तव के घर में थी। दुल्हन बैंक्वेट हॉल में थी, उसे सिर्फ यह बताया गया था कि घर में आग लगी है और उसकी मां घायल है। इसके बाद दुल्हन के चेहरे की रंगत ही उड़ गई। शादी सिद्धि विनायक बैंक्वेट हॉल में होनी थी। बाकी लोगों को दुल्हन के घर में हुए त्रासदी के बारे में पता चल गया था इसलिए किसी तरह के रस्म के बिना ही सीधे शादी की रस्में शुरू कर दी गई। दुल्हन की आंखें बार-बार मां, भाई और दादी को तलाश रही थी। लेकिन वह चुपचाप शादी की रस्म निभा रही थी। अब तक भी उससे परिवार वालों के मौत की छुपाई गई थी।

शाम की घटना
जानकारी के मुताबिक बारात गिरिडीह के न्यू बरगंडा दुर्गा मंदिर रोड से आई थी। दूल्हे का नाम सौरव है। वह बेंगलुरु में आइटी कंपनी में काम करता है। बाराती जब गोविंदपुर पहुंच गई तब उनको घटना की सूचना हुई। दुल्हन के मौसेरे भाई और भाभी ने कन्यादान की। पिता बेसुध थे। घटना मंगलवार की शाम करीब 6:30 बजे की है। घर रिश्तेदारों से भरा था। हालांकि जैसे तैसे कर शादी करवा दी गई। दुल्हन की मां, दादी, दादा की मौत हो गई है। आग में जलने और दम घुटने से 14 लोगों की जान चली गई। वहीं 36 लोग जख्मी हुए हैं। कुछ का पाटलीपुत्र नर्सिंग होम और कुछ का एसएनएमएमसीएच में इलाज चल रहा हैं। सभी खतरे से बाहर हैं। दस महिलाएं, दो बच्चियां, एक बच्चा और एक बुजुर्ग की मौत हुई है।