द फॉलोअप डेस्क
जेल में बंद गैंगस्टर अमन सिंह हत्याकांड मामले में आरोपी रितेश यादव उर्फ सुंदर महतो को जेल भेज दिया है। शनिवार को रितेश की कोर्ट में पेशी हुई जहां रितेश से पूछा गया कि तुमने किसके कहने पर अमन को गोली मारी। इसपर रितेश ने कहा कि आशीष रंजन ने बोला तो मैने मार दिया। वहीं आरोपी से जब पूछा गया कि तुमने किसके कहने पर रितेश से सुंदर अपना नाम किया। इसपर भी उसने आशीष का ही नाम लिया। रितेश को जेल भेजने के बाद अब पुलिस हीरापुर जेसी मल्लिक रोड निवासी आशीष रंजन उर्फ छोटू, जेल में बंद कुस्तौर के सतीश गुप्ता उर्फ गांधी और कतरास के विकास रवानी उर्फ विकास बजरंगी सहित अन्य को अभियुक्त बनाने की तैयारी में जुट गई है।

जितने भी लोग मिले सभी नकाबपोश थे
रितेश में पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान कहा कि वह यूपी के प्रतापगढ़ के रहनेवाले वाला है। यूपी के कुणाल सिंह ने उसकी पहचान आशीष रंजन ने करवाई थी। आशीष ने ही उसे अमन सिंह की हत्या के लिए धनबाद भेजा था। वह यूपी से आसनसोल पहले ट्रेन से आया। वहां से बस पकड़कर वह धनबाद आया था। धनबाद पहुंचने के बाद इस हत्याकांड में संलिप्त जितने भी लोग उससे मिले सभी नकाबपोश थे। नकाबपोश लोग उसे लेकर मुनीडीह पहुंचे और एक ग्रांउड के पास ले जाकर छोड़ दिया। उसे चोरी की बाइक भी उन्हीं लड़कों ने दिया था। इसके बाद पुलिस आई और बाइक चोरी के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया।

3 दिसंबर को धनबाद जेल में हुई थी अमन की हत्या
3 दिसंबर को धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह की जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यूपी का शूटर रितेश प्लान बनाकर जेल आया था। रितेश 25 नवंबर को ही जेल आया था। दो दिन के अंदर ही वह अमन का करीबी बन गया। उसका सेवक बनकर पैर दबाने लगा। इसके बाद उसने अमन सिंह से नजदीकी बनाई। उसका विश्वास जीता और उसके गुडबुक में शामिल हो गया। उसका सेवक बनकर पैर दबाने लगा। लेकिन अमन को क्या पता था कि उसका पैर दबाने वाला ही उसे गोलियों से भून देगा।