logo

मुख्यमंत्री जी, झारखंड भवन की गुणवत्ता की जांच इंजीनियर वीरेंद्र राम से करवाईए, कांची पुल का भी तो करवाए थेः बाबूलाल मरांडी

babunirman.jpg

द फॉलोअप डेस्कः
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान निर्माणाधीन झारखंड भवन के सभी सात फ्लोर का मंगलवार को निरीक्षण किया। वहां उन्होंने अधिकारियों को बेहतर ढंग से काम करवाने का निर्देश दिया। सीएम के इस निरिक्षण कार्यक्रम को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है "सुनने में आया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी दिल्ली झारखंड भवन निर्माण कार्य में ख़राब गुणवत्ता को लेकर काफ़ी नाराज़ है। मेरा सुझाव है कि इस गुणवत्ता की जाच इंजीनियर वीरेंद्र राम से करायी जाये। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि आज से लगभग डेढ़ साल पहले कांची नदी में पुल धंस गया था, तो आपकी सरकार ने इसकी जांच का दायित्व वीरेंद्र राम जैसे महाभ्रष्ट अधिकारी को सौंपा था और आज तक किसी पर कारवाही नहीं हुई। आगे बाबूलाल ने कहा है कि " मुख्यमंत्री जी,पहले तो आपके गुर्गे अपने मनचाहे लोगों से पैसे लेकर उसकी पोस्टिंग करवाते हैं, उससे मनचाहे लोगों को ठेका दिलवाते है, फिर उस ठेके पर मोटी कमीशन लेते है और फिर आपके भ्रष्ट अधिकारी ही उसके गुणवत्ता की जाँच करते हैं…..जनता सब समझती है" मालूम हो कि ग्रामीण विकास विभाग के निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद हैं। 


निर्माण कार्य से संतुष्ट नहीं है सीएम 
दरअसल बाबूलाल मरांडी जांच की बात इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मंगलवार को भवन निरिक्षण करने  के बाद भवन निर्माण करवा रहे अधिकारियों, सलाहकार और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ सीएम ने एक समीक्षा बैठक भी की थी। बैठक में निर्माण में खर्च होने वाले बजट को भी सीएम ने समझा लेकिन वह संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने 15 दिनों के अंदर जिम्मेवार अधिकारियों एवं सलाहकारों की भूमिका से संबंधित जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही कहा है कि  झारखंड भवन निर्माण कार्य में अगर किसी तरह की अनिमियतता सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति बख्शे नहीं जायेंगे।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT