द फॉलोअप डेस्कः
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आदिवासी संगठनों के द्वारा आज भाजपा प्रदेश कार्यालय घेराव कार्यक्रम को हेमंत सरकार प्रायोजित राजनीतिक नौटंकी बताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने आज घेराव किया है उन्हें सबसे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने आदिवासी के नाम पर सबसे ज्यादा आदिवासी को ही प्रताड़ित किया है। हेमंत सरकार का स्वागत चाईबासा में आदिवासियों के नरसंहार से हुआ। आदिवासी महिला दारोगा रूपा तिर्की की हत्या, पशु तस्करों के द्वारा दारोगा संध्या टोपनो की हत्या, सिदो कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या हेमंत सरकार की देन है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के पिछले साढ़े तीन वर्षों के शासन काल में 5500 से अधिक बहन बेटियों के साथ बलात्कार की घटनाएं घटी हैं। जिसमें अधिकांश आदिवासी, दलित समाज की ही बेटियां हैं।

हेमंत सरकार को माफी मांगनी चाहिए आदिवासियों
आगे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रीमिटिव ट्राइब्स की बेटी रुबिका पहाड़िया की नृशंस हत्या, मांडर में आदिवासी छात्रा के साथ कार में सामूहिक बलात्कार की शर्मनाक घटना,खूंटी में प्रशिक्षु महिलाओं के साथ बलात्कार हुए लेकिन मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिजनों से मिलना भी उचित नहीं समझा। हेमंत सरकार का आदिवासी दलित विरोधी चेहरा बार बार उजागर हुआ है । इसलिए मुख्यमंत्री को इसके लिए आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जिस घटना को तूल देने की कोशिश की जा रही उसपर कठोर कानूनी कार्रवाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित व्यक्ति के पैर धोकर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन में हिम्मत है तो वे आदिवासी दलित विरोधी कृत्यों केलिए समाज से और पीड़ित परिवार से माफी मांगे।
