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National Girl Child Day : बेटियों के लिए बेस्ट है ये योजनाएं, पढ़ाई से लेकर शादी तक नहीं रहेगी टेंशन,यहां देखें लिस्ट

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डेस्क:
प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ देश में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन खास बच्चियों के अधिकारों के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना मुख्य मकसद है। उनकी सेहत, पढ़ाई-लिखाई, पोषण, उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए यह एक सराहनीय पहल है। इस दिवस की खास बात ये भी है कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को नारी शक्ति के रूप में आज याद किया जाता है। 24 जनवरी 1966 को ही इन्होंने पहली बार बतौर प्रधानमंत्री अपना कार्यभार भी संभाला था। नेशनल कांग्रेस पार्टी द्वारा 24 जनवरी को महिला सशक्तिकरण के तौर पर चुना गया था।


भारत सरकार की लड़कियों के लिए योजनाएं
भारत सरकार गर्ल चाइल्ड के लिए कई योजनाएं चलाती हैं। प्रत्येक वित्त वर्ष एक नई प्लानिंग के साथ आती है। इन योजनाओं की मदद से बच्चियों को समाज में सर उठाकर जीने का अवसर मिलता है। साथ ही कई सुविधाओं का लाभ भी मिलता है। अब कई हजारों बालिकाओं का भविष्य इन स्कीम्स के माध्यम से सुधर चुका है। शादी, एजुकेशन और अन्य कई मकसद के लिए लोग इनका लाभ उठाते हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत, हरियाणा में की थी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से बाल-लिंग अनुपात (Child-Sex Ratio) में कमी को रोकने में मदद मिलती है। इसके साथ ही महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों का समाधान होता है। यह योजना तीन मंत्रालयों द्वारा संचालित किया जाता है- अर्थात महिला और बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development ), स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare)और मानव संसाधन मंत्रालय।

सुकन्या समृद्धि योजना 
इस योजना को स्माल सेविंग स्कीम (small saving scheme) के तहत रखा गया है। सुकन्या समृद्धि योजना में बेटी के जन्म से लेकर 10 साल तक निवेश माता-पिता की ओर से निवेश किया जाता है। सरकार इस योजना पर अभी 7.6 फीसदी रिटर्न दे रहा है और इसमें सालाना कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। जन्म से लेकर 18 साल तक इस योजना में निवेश किया जा सकता है और बिटिया के शादी तक मोटा पैसा जमा किया जा सकता है। 
बालिका समृद्धि योजना
यह सुकन्या समृद्धि स्कीम से मिलती-जुलती योजना है, जो लड़कियों के जन्म के बाद 500 रुपये की अनुदान राशि देती है। इस योजना के तहत डाकघर या बैंक में खाता खुलवाया जा सकता है। इसमें निवेश पर सरकार की ओर से सालाना ब्याज दिया जाता है, जिसे लड़की की आयु 18 वर्ष होने पर ही निकाला जा सकता है। 
सीबीएससी उड़ान स्कीम
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत सीबीएससी उड़ान योजना की शुरुआत की गई थी। यह योजना लड़कियों के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा प्रोवाइड कराती है। साथ ही उनको स्टडी मैटेरियल के साथ प्री लोडेट टैबलेट भी दिया जाता है, ताकि वे अपने इंजिनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी पूरी कर सकें। 

धनलक्ष्मी योजना
 यह योजना मार्च 2008 में केंद्र सरकार ने एक पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) के रूप में शुरू की थी। यह योजना कम आय वाले परिवार जिनमें लड़कियां हों उन्हें सिचुएशनल इंसेंटिव प्रदान करती है।


राज्य सरकार की योजनाएं
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार इन दिनों बड़े पैमाने पर लड़कियों को आर्थिक लाभ दे रही है। इस योजना का नाम है- सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना। इस योजना के तहत झारखंड सरकार 8वीं से 12वीं कक्षा तक में पढ़ने वाली लड़कियों को नकद सहायता राशि दे रही है। इस योजना का आवेदन पीडीएफ प्रारूप में jharkhand.gov.in पर उपलब्ध है। इसे अपलोड कर सावित्रीबाई फुले किशोरी योजना का लाभ उठाया जा सकता है। हेमंत सोरेन सरकार इन लड़कियों को कुल 20000 रुपये की राशि प्रदान कर रही है।
किस कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा का कितने रुपये दे रही सरकार

  • कक्षा 8 में नामांकन पर सरकार की ओर से 2500 रुपये दिया जा रहा है।
  • कक्षा 9वीं में नामांकन पर हेमंत सोरेन सरकार छात्राओं को 2500 रुपये दे रही है।
  • कक्षा 10वीं में दाखिला लेने पर झारखंड सरकार की ओर से 5000 रुपये दिए जा रहे हैं।
  • कक्षा 11वीं में पढ़ने वाली छात्रओं को सरकार की आरे से 5000 रुपये नकद दिए जा रहे हैं।
  • कक्षा 12वीं में नामांकन लेकर पढ़ने वाली छात्राओं को सरकार 5000 रुपये नकद दे रही है।
  • 18 या 19 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर सरकार की ओर से एकमुश्त अनुदान स्वरूप 20000 रुपये दिए जा रहे हैं।

योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा को देनी होगी यह जानकारी
आवेदन में अपना नाम, पिता का नाम, गांव का पता, पंचायत का नाम और जिला का नाम भरना है। इसके अलावा जन्म संबंधित प्रमाणपत्र देना है। इसके अलावा मतदाता पहचान पत्र देना है। यह 18 से 19 वर्ष की छात्राओं को ही देना है। इसके अलावा आधार कार्ड का नंबर या छायाप्रति भी देना अनिवार्य है। इसके अलावा बैंक खाता का विवरण देना होगा। महिला बाल विकास एवं कल्याण विभाग द्वारा यह योजना शुरू की गई है। आवेदक को एक पासपोर्ट साइज का फोटो भी आवेदन पर देना है। आवेदन पत्र बेहद साधारण है। इसे भरना बेहद आसान है। यह हिंदी में उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री लाडली योजना
झारखण्ड राज्य की ओर से मुख्यमंत्री लाडली योजना को शुरू किया गया है। इस योजना के तहत बेटी के नाम डाकघर बचत खाते में पांच साल के लिए 6000 रुपए की राशि जमा की जाती है।

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