द फॉलोअप डेस्क
भाजपा द्वारा मंईयां सम्मान योजना, प्रोन्नति मामलों और ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम को लेकर लगाए गए आरोपों पर झामुमो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। झामुमो के महासचिव और प्रवक्ता विनोद पांडेय ने भाजपा के आरोपों को "झूठ और आधी-अधूरी जानकारी" पर आधारित बताते हुए कहा कि विपक्ष केवल जनता को भटकाने की कोशिश कर रहा है।
विनोद पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में वर्षों तक कैडर समीक्षा लंबित रही और फाइलों में गड़बड़ी थी, जिस कारण कई प्रक्रियाएं बाधित रहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने हजारों कर्मचारियों को उनका लंबित प्रमोशन दिया है और पेंशन व सेवा लाभों को भी तेजी से निष्पादित (निष्पादन) किया है। पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता उन "कुछ अधिकारियों" की चिंता में डूबे हुए हैं जो "सरकार से वेतन लेकर भाजपा के स्लीपर सेल के रूप में काम" कर रहे हैं, और इसी वजह से भाजपा में बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारदर्शी शासन स्थापित किया है और हर वर्ग के विकास के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए हैं।
‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा के आरोपों पर झामुमो महासचिव ने इसे जनता के आशीर्वाद से चुनी हुई सरकार की लोकप्रिय पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी सफल योजनाओं को बदनाम करने का षड्यंत्र रचना भाजपा की पुरानी आदत और राजनीतिक मजबूरी है। पांडेय ने दावा किया कि यह कार्यक्रम हेमंत सरकार के सबसे सफल और लोकप्रिय कार्यक्रमों में शामिल है, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर विरोधियों ने भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की प्रगति पूरी तरह पारदर्शी है और पूरा डाटा पब्लिक डोमेन में उपलब्ध है। झामुमो प्रवक्ता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सेवा का अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी ही नहीं है, अगर होती तो वे ऐसे बेतुके बयान जारी नहीं करते।
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को इस कार्यक्रम की सफलता से असहजता है क्योंकि सरकार सीधे गांव-पंचायतों के अंतिम व्यक्ति के घर जाकर उन्हें उनका हक और अधिकार के प्रति न केवल जागरूक कर रही है, बल्कि उन्हें उनका हक दे भी रही है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों या दलालों के चंगुल से भोले-भाले आदिवासी, मूलवासी, गरीब, पिछड़े, अल्पसंख्यकों को छुटकारा दिलाकर हेमंत सरकार ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मंईयां सम्मान योजना की सफलता पर उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम है, जिससे झारखंड की 50 लाख से अधिक महिलाओं को नियमित लाभ मिल रहा है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह अपने शासनकाल में महिलाओं के लिए ऐसी कोई स्वतंत्र आर्थिक सहायता योजना शुरू नहीं कर सकी। झामुमो महासचिव ने भाजपा के आरोपों को "राजनीतिक हताशा की उपज" करार दिया।
