रांची
प्रखर आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. कार्तिक उरांव की जयंती पर प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार सोमेश सोरेन की बड़ी जीत तय है। कैलाश यादव ने कहा कि राज्य में हेमंत सोरेन के खिलाफ किसी तरह की सत्ता-विरोधी लहर नहीं है। उन्होंने कहा, “हेमंत सोरेन आज झारखंड ही नहीं, पूरे देश के सबसे लोकप्रिय आदिवासी नेता हैं। उन्होंने राज्य की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया है।”

राजद प्रवक्ता ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा आदिवासी समाज की हितैषी नहीं रही है, बल्कि उसने हमेशा उन्हें केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, “भाजपा की नीति फुट डालो और राज करो पर आधारित है। झारखंड में पार्टी की दशा और दिशा दोनों बिगड़ चुकी है, क्योंकि उसके पास अब कोई जनप्रिय और विश्वसनीय नेता नहीं बचा है।” यादव ने कहा कि भाजपा के अधिकतर तथाकथित आदिवासी नेता दूसरे दलों से आयातित हैं — जैसे अर्जुन मुंडा (JMM), बाबूलाल मरांडी (JVM), गीता कोड़ा (कांग्रेस) और अन्य। “भाजपा की विचारधारा में आदिवासियों के लिए कोई जगह नहीं है, यही कारण है कि जनता उनसे दूर होती जा रही है,” उन्होंने जोड़ा।
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राजद प्रवक्ता ने आगे कहा कि भाजपा के शीर्ष नेताओं की जुमलेबाजी, झूठे वादे और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग ने जनता को निराश किया है। “अब आदिवासी समाज भाजपा के झांसे में आने वाला नहीं है। भाजपा-एनडीए केवल ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है,” यादव ने कहा।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछली विधानसभा चुनावों में झारखंड की 28 सुरक्षित सीटों में से 26 पर इंडिया गठबंधन ने जीत दर्ज की थी, जबकि पांचों आदिवासी लोकसभा सीटें भी गठबंधन के खाते में गईं। “इसीलिए घाटशिला उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार की करारी हार निश्चित है,” उन्होंने कहा। कार्तिक उरांव की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए यादव ने उन्हें “झारखंड का हीरा” बताते हुए कहा कि वे न केवल एक प्रतिभाशाली इंजीनियर और केंद्रीय मंत्री थे, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति और अस्मिता के सच्चे प्रणेता भी थे।
