द फॉलोअप डेस्क
ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले में बोकारो बौना पड़ गया है। बोकारो से मिली जानकारी के अनुसार वहां पिछले 10 साल में 15 करोड़ से अधिक की निकासी हुई है। अवैध निकासी के मामले में एक और दिलचस्प पहलू सामने आ रहा है। चारा घोटाले में जिस तरह राज्य के विभिन्न जिलों के ट्रेजरी से करोड़ों रुपए की निकासी हुई थी, उसी तरह बोकारो के बाद हजारीबाग में भी यह पर्दाफाश हुआ है। एक और समानता यह भी है कि पुलिस के द्वारा ही इस तरह की निकासी का मामला सामने आ रहा है। इसके बाद हजारीबाग की पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारंभ कर दी है। प्रारंभिक सूचना में दोनों पुलिसकर्मियों के नाम शंभू और पंकज बताए गए हैं। इन दोनों पुलिसकर्मियों ने कुछ बोकारो के एकाउंटेंट कौशल पांडेय की ही तरही अवैध निकासी की है। फ्रॉड किया है।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की गड़बड़ी की पुष्टि
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हजारीबाग में अवैध निकासी की पुष्टि करते हुए बताया कि वहां पिछले 10 साल में 15 करोड़ की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। हजारीबाग के डीसी फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा वित्त विभाग में मुख्यालय से एक टीम हजारीबाग भेजेगी। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य में 33 ट्रेजरी और सब ट्रेजरी है। इन सभी ट्रेजरियों की सरकार जांच कराएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन, गबन और फ्रॉड को सरकार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

बोकारो में रिटायर्ड पुलिसकर्मी के वेतन मद से निकासी
यहां मालूम हो कि बोकारो ट्रेजरी से सेवानिवृत पुलिसकर्मी उपेंद्र सिंह के वेतन मद में 4.29 करोड़ की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। अवैध निकासी के इस मामले में एकाउंटेंट कौशल पांडेय की संलिप्तता सामने आयी है। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया है। क्योंकि कौशल पांडेय और उनकी पत्नी के खाते में एक बड़ी रकम जमा हुई है। हालांकि सरकार ने उनके खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया है। वित्त विभाग ने बोकारो ट्रेजरी में हुई अवैध निकासी को लेकर तीन सदस्यीय जांच कमेटी का भी गठन कर लिया है। इधर वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार राज्य के विभिन्न ट्रेजर से हो रही निकासी का यह आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। यह सौ करोड़ को भी पार कर सकता है।
