द फॉलोअप डेस्क
राजधानी रांची (Ranchi) में नाबालिग बच्ची को कब्रिस्तान छोड़ने का भय दिखाकर भाई ने उसके साथ दुष्कर्म करता था। नाबालिग के अंदर डर पैदा करने के लिए मामा का बेटे ने कई बार उसे अकेले कब्रिस्तान में छोड़ दिया था। जहां मासूम डर से रोती-बिलखती रहती थी। मामले से पर्दा तब उठा जब बच्ची से उसकी शिक्षिका ने उसके क्लास में सो जाने के बाद सवाल किया। 11 साल की मासूम ने अपने साथ हुए हिंसा की पूरी कहानी बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने भी बोला है। बच्ची ने बताया कि वह रांची के तुपुदाना (Tupudana,Ranchi) में अपने मामा-मामी के यहां रहती है। उसके पिता पंजाब में मजदूर है। उसके मामा का बेटा उसे कब्रिस्तान में छोड़ने ने बात कह कर उसके साथ जबदस्ती करता था। पुलिस ने मामले की जानकारी पाते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद कोर्ट ने भी उसे मामले में दोषी करार दिया है।

शिक्षिका को बच्ची ने बताई पूरी कहानी
घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार एक दिन जब बच्ची स्कूल गई तो वह क्लास में झपकी लेने लगी। इसी पर शिक्षिका ने उसे टोका और कहा कि क्या तुम रात में नहीं सोती हो। तुम्हारी आंख बता रही है। इस पर बच्ची टूट गई और अपनी व्यथा शिक्षिका को बताई। बच्ची ने कहा कि उसके मामा का बेटा रात में कब्रिस्तान में छोड़ने का डर दिखाकर रातभर उसका यौन शोषण करता है। जिस कारण वह सो नहीं पाती है। डर से घर में भी रिश्तेदारों को नहीं बता पा रही है। पिता पंजाब में रहते हैं और मां उनके साथ नहीं रहती है। बच्ची की बात सुनकर शिक्षिका उसे लेकर थाना गई और प्राथमिकी दर्ज कराया। इसके बाद पॉस्को मामला दर्ज करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए सीडब्ल्यूसी भेज दिया गया। खुलासा होने के बाद बच्ची को सीडब्ल्यूसी ने बच्ची शेल्टर होम भेज दिया गया है। सीडब्ल्यूसी रांची की सदस्य अरुणा सिन्हा ने कहा कि वर्तमान में बच्ची सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में है। प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची को स्कूल से जोड़ दिया जाए। आगे की कार्यवाही जारी है।

1 मई 2023 को दर्ज कराई गई थी प्राथमिक
पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के जयनगर निवासी संजय रजक उर्फ भुट्टा रजक को दोषी करार दिया है। सजा की बिंदु पर सुनवाई की अगली तारीख 6 जनवरी निर्धारित की गई थी। आज मामले की सुनवाई होगी। संजय के खिलाफ किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप था। इस संबंध में बरवाअड्डा थाना में एक मई 2023 को प्राथमिक की दर्ज की गई थी। पीड़िता की ओर से शिकायतवाद के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में संजय रजक के साथ रघु रजक, फागु रजक, अशोक रजक व भक्तू रजक को आरोपी बनाया गया था, लेकिन पुलिस ने सिर्फ संजय के खिलाफ अदालत में 29 जून 2023 को आरोप पत्र दाखिल किया था।
हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : https://chat.whatsapp.com/FUOBMq3TVcGIFiAqwM4C9N\