द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 27 फरवरी यानी आज से शुरू होने जा रहा है। इस बार के बजट सत्र में कुल 17 कार्य दिवस होंगे और यह 24 मार्च को समाप्त होगा। बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल सीपी.राधाकृष्णन के अभिभाषण से होगी।वहीं 3 मार्च को सरकार वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश करेगी। वहीं इस बजट सत्र को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को विधानसभा में रणनीति तय करने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में झामुमो के अलावा कांग्रेस और राजद के नेता भी शामिल हुए। वहीं भाजपा की ओर से सोमवार यानि आज बैठक बुलाई गई है।

बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाएगी हेमंत सरकार
इस बार उम्मीद जतायी जा रही है कि सरकार 1 लाख 11 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट पेश कर सकती है। इस बार यह भी देखने को मिलेगा कि वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव लगातार चौथी बार बजट पेश करेंगे। इससे पहले लगातार पांच बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व सीएम सह वित्त मंत्री रघुवर दास के नाम था। इधर, इस बजट को लेकर राज्यवासियों को काफी उम्मीदें है। इस बार हेमंत सरकार बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाएगी। मौजदा वक्त में आम जनता बढ़ती महंगाई से काफी परेशान हैं। लोगों को उम्मीद है कि सरकार जनाकांक्षा के अनुरूप बजट पेश करेगी। ताकि लोगों को राहत मिल सके। ऐसे में सभी की नजर 3 मार्च को विधानसभा में पेश होने वाली बजट पर टिक गई है।

तीन चौथाई आबादी खेती-किसानी पर आश्रित
इस वर्ष के बजट की तैयारी राज्य सरकार ने लोगों के सेंटीमेंट से जोड़ने को बजट का नामकरण ‘हमीन कर बजट’ किया था। जानकारी के मुताबिक राज्य की तीन चौथाई आबादी खेती-किसानी पर आश्रित है। इसे ध्यान में रखते हुए और हमीन कर बजट पर मिले सुझाव के मुताबिक इस सेक्टर पर ज्यादा फोकस दिखा सकती है। वित्तीय मामलों के एक्सपर्ट के अनुसार एक बैलेंस बजट तभी बन सकता है जब ढांचागत विकास पर बजट का आधा हिस्सा खर्च हो। शेष 50 प्रतिशत हिस्से में 30 प्रतिशत राज्य की जरूरतों और 20 प्रतिशत को अन्य देनदारियों में खर्च करने पर फोकस रहेगा।
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