द फॉलोअप डेस्क:
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बुधवार को केंद्रीय बजट 2023-24 (Union Budget 2023-24) में घोषणा की है। बजट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास (Raghuvar Das) ने बजट का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि यह बजट देश के विकास को गतिशील करेगा। रोजगार को बढ़ावा देगा। गरीब, किसान, मजदूर, महिला व युवाओं का सशक्तिकरण करेगा। सही अर्थों में ये आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था वाला बजट है। पूरे देश के आत्मविश्वास और उज्जवल भविष्य को दर्शाने वाला बजट है।

बेहतर भारत के निर्माण के स्पष्ट इरादे
मोदी सरकार के बजट में बेहतर भारत के निर्माण के स्पष्ट इरादे हैं। अमृत काल के अपने पहले बजट में मोदी सरकार ने समृद्ध व समावेशी भारत की झलक पेश की है। इस बजट में परंपरा से लेकर आधुनिकता तक फोकस किया। खेती में जहां मोदी सरकार परंपरागत मोड पर जा रही है, वहीं हमारे युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईओटी, कोडिंग, ड्रोन आदि आधुनिक तकनीक सिखाने पर फोकस कर रही है।
मध्यमवर्ग को मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत
गरीबों के लिए मुफ्त राशन योजना को 1 साल और बढ़ाने, मोटे अनाज को बढ़ावा देने, रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ के आवंटन, महिलाओं, युवाओं, दलितों, आदिवासियों, किसानों, मजदूरों के विकास के लिए नई योजनाएं मोदी सरकार की नीति और नियत को प्रदर्शित करता है। मध्यमवर्ग को मोदी सरकार ने बड़ी राहत प्रदान की है। 7 लाख तक की आय को कर मुक्त कर दिया गया है। इसके बाद लगने वाले टैक्स स्लैब की संख्या 6 घटाकर 5 की है।

बुजुर्गों और महिलाओं को बचत के लिए किया गया प्रोत्साहित
जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए PMPBTG विकास मिशन शुरू किया जाएगा। पीबीटीजी बस्तियों को मूलभूत सुविधाओं से परिपूर्ण किया जा सके। 3.5 लाख जनजातीय विद्यार्थियों के लिए 740 एकलव्यी मॉडल आवासीय विद्यालयों में 38,800 अध्यािपकों की नियुक्ति, 2047 तक आदिवासी क्षेत्रों से सिकल सेल एनीमिया समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। ये सारे कदम मोदी सरकार की जनजाति समाज के प्रति प्राथमिकता को दर्शाता है। बजट में कृषि स्वास्थ्य उद्योग आधारभूत संरचना सभी के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को बचत के लिए प्रोत्साहित किया गया है।