द फॉलोअप डेस्क
राज्य के 16 जिलों में 8864 गृह रक्षक (होमगार्ड) पदों पर बहाली प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिसमें गिरिडीह जिले के लिए कुल 708 पद स्वीकृत किए गए हैं। परंतु इस सूची में जिले के तीन प्रमुख प्रखंड, जमुआ, देवरी और गांवा को एक भी पद से वंचित रखा गया है। इस असमानता को लेकर इन क्षेत्रों के अभ्यर्थियों में गहरा रोष और निराशा है। जमुआ, देवरी और गांवा प्रखंडों में हजारों युवा वर्षों से होमगार्ड सेवा में भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। ये अभ्यर्थी दौड़, प्रशिक्षण और शारीरिक दक्षता की तैयारी में जुटे हुए थे। ऐसे में इन तीनों प्रखंडों को पूरी तरह से बहाली प्रक्रिया से बाहर रखना न्यायिक असंतुलन और संवैधानिक समान अवसर के सिद्धांत का उल्लंघन प्रतीत होता है।
प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल बेरोजगारी का मुद्दा नहीं है, बल्कि सम्मान और समावेशिता का सवाल भी है। जब पूरा जिला इस बहाली से लाभान्वित हो रहा है, तो इन तीन बड़े प्रखंडों को अनदेखा करना गंभीर भेदभाव का संकेत है। अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि 10 अगस्त 2025 तक जमुआ, देवरी और गांवा प्रखंडों के लिए भी होमगार्ड पदों का सृजन कर बहाली प्रक्रिया में शामिल किया जाए। अन्यथा वे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
