घाटशिला, धालभूमगढ़
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने धालभूमगढ़ प्रखंड के मौदाशोली और हवाई पट्टी क्षेत्र में सागवान पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जंगलों में चल रही यह अवैध गतिविधि वन विभाग की लापरवाही को उजागर करती है। स्थानीय लोगों की शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद चंपाई सोरेन ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि “धालभूमगढ़ के हरे-भरे जंगल हमारी प्राकृतिक संपत्ति हैं। इनकी बर्बादी प्रशासन की नाकामी का प्रमाण है। पेड़ कटाई पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।”

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों से हवाई पट्टी के किनारे रात के अंधेरे में बड़े-बड़े सागवान और साल के पेड़ काटे जा रहे हैं। लकड़ी माफिया खुलेआम पेड़ों की ढुलाई कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही। कई बार सूचना देने के बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
मौदाशोली गांव के पास के जंगलों में भी रोजाना पेड़ काटे जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की निष्क्रियता के कारण जंगल तेजी से उजड़ रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले वर्षों में धालभूमगढ़ का हराभरा जंगल इतिहास बन जाएगा। चंपाई सोरेन ने जिला प्रशासन और वन विभाग से तुरंत जांच और ठोस कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि “यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका और भविष्य का भी सवाल है।”
