नंदलाल तुरी
पाकुड़ समाहरणालय सभागार में शनिवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में बाल श्रम उन्मूलन हेतु गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रम अधीक्षक ने जिले में संचालित बाल श्रम उन्मूलन गतिविधियों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नियमित जागरूकता कार्यक्रम एवं बाल श्रम उन्मूलन अभियान को सभी प्रखंडों में सतत रूप से चलाया जाए। श्रम अधीक्षक और बाल संरक्षण पदाधिकारी को अभियान की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि बाल विवाह बिल्कुल अस्वीकार्य है और इस पर रोक लगाने के लिए बाल संरक्षण पदाधिकारी एवं सभी थाना प्रभारियों को नियमों का कठोरता से पालन करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में भ्रमण के दौरान बाल श्रम की स्थिति पर भी नजर रखें। यदि कहीं बच्चे मजदूरी करते पाए जाएँ तो इसकी सूचना तत्काल श्रम अधीक्षक को दी जाए।
चाइल्ड लाइन को निर्देश दिया गया कि रेलवे स्टेशन पर यदि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे बिना अभिभावक के समूह में दिखाई दें, तो उनसे पूछताछ की जाए और किसी भी प्रकार के संदेह की स्थिति में तुरंत श्रम अधीक्षक एवं रेलवे पुलिस को सूचना दी जाए। उपायुक्त ने कहा, “बाल श्रम और बाल विवाह दोनों गंभीर सामाजिक अपराध हैं। इनकी रोकथाम के लिए प्रशासन, समाज और सभी जिम्मेदार संस्थाओं के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है।”
