रांची
आज झारखंड प्रदेश राजद के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक हुई। इसमें राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक गौतम सागर राणा ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन ST, SC और OBC वर्ग के विकास का पहिया आज भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की अपेक्षाओं से काफी पीछे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन सरकार ने राज्य को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कार्यक्षमता पर कोई सवाल नहीं है। उनके लगभग सात वर्षों के कार्यकाल में कृषि, स्कूली शिक्षा, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विधि-व्यवस्था भी संतोषजनक है तथा शासन-प्रशासन बेहतर समन्वय के साथ कार्य कर रहा है। वहीं, विपक्षी दल, विशेषकर भाजपा, सरकार की विकास योजनाओं को बेवजह बदनाम करने का असफल प्रयास करती रही है। राणा ने कहा कि सरकार को युवाओं की शिक्षा के साथ-साथ उनके भविष्य और रोजगार को लेकर भी अधिक गंभीर होने की आवश्यकता है। विशेष रूप से सरकारी नियुक्तियों में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर प्राथमिकता से कार्य किया जाना चाहिए।

राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने किया संबोधित
चर्चा के दौरान राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि झारखंड देश का ऐसा राज्य है, जहां OBC की आबादी लगभग 60 से 65 प्रतिशत बताई जाती है। इसके बावजूद राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी OBC को 27 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति को 14 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल सका, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर 2000 को राज्य गठन के समय संवैधानिक व्यवस्था के तहत ST, SC और OBC के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने आरक्षण में संशोधन करते हुए ST का आरक्षण 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 26 प्रतिशत, SC का 14 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत तथा OBC का 27 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया।

महागठबंधन सरकार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दूसरे कार्यकाल में है
कैलाश यादव ने कहा कि वर्तमान में झामुमो, कांग्रेस और राजद की महागठबंधन सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दूसरे कार्यकाल में है। इसके बावजूद OBC को 14 से 27 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति को 10 से 14 प्रतिशत आरक्षण का पूर्ण लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने इस विषय पर गंभीर पहल की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि राजद हमेशा से अतिपिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी तथा अन्य वंचित वर्गों के हितों की लड़ाई लड़ता रहा है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सामाजिक न्याय के प्रणेता और सामाजिक सद्भाव के प्रतीक रहे हैं। उनकी विचारधारा और नीतियों को बिहार, झारखंड सहित पूरे देश में व्यापक समर्थन मिला है।
