रांची
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत माता के रक्षा सौदे में दलाली खाने का दोषी और सजायाफ़्ता हो, उस पार्टी के प्रवक्ता द्वारा भ्रष्टाचार पर सवाल उठाना सबसे बड़ा मज़ाक है। भाजपा के पास मुद्दों का दिवालियापन साफ़ नज़र आ रहा है, इसलिए वे अब आधी-अधूरी और झूठी कहानियों के सहारे जनता को गुमराह कर रहे हैं।
सिन्हा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी अल्पसंख्यक समाज से आते हैं, इसलिए भाजपा उन्हें जानबूझकर टारगेट कर रही है। जबकि सच्चाई यह है कि मंत्री जी ने स्वयं शिकायत प्राप्त होते ही विभागीय जाँच शुरू करवाई और साफ़ कर दिया कि दोषी पाए जाने वालों पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि-
1. भाजपा के आरोप हास्यास्पद और तथ्यहीन हैं।
2. आधी-अधूरी जानकारी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करना भाजपा की पुरानी आदत है।
3. शिकायत सबसे पहले मंत्री को प्राप्त हुई थी और उसी आधार पर विभागीय जाँच चल रही है।
4. दोषी पाए जाने पर नियमसंगत कार्रवाई निश्चित की जाएगी।
5. जिस संवेदक का नाम भाजपा ले रही है, वह पिछले कई वर्षों से विभाग में कार्यरत है। यह मामला भी जाँच के अधीन है।
6. मंत्री पद संभालने के बाद डॉ. इरफान अंसारी ने किसी भी संवेदक को अतिरिक्त लाभ या काम नहीं दिया है।
7. टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है। अधिकारियों को नियमों और शर्तों का गहन अध्ययन करने का निर्देश दिया गया है। यदि ज़रूरी हुआ तो NIT में संशोधन भी समीक्षा के बाद किया जाएगा।
8. L-1 ठेकेदार का चयन District Tender Committee करती है, इसमें मंत्री की कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं होती।
9. भाजपा जिस टेंडर का हवाला दे रही है, वे सभी टेंडर मंत्री के कार्यभार संभालने से पहले ही प्रक्रियाधीन थे।
10. मामला सामने आते ही मंत्री जी ने तत्काल जाँच दल का गठन कर विभागीय समीक्षा का निर्देश दिया है। दोषी पाए जाने पर कार्यकारी एजेंसियों (जैसे सिविल सर्जन) पर भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि झूठे आरोपों का सहारा लेने के बजाय तथ्यों के साथ राजनीति करें। डॉ. इरफान अंसारी ने हमेशा जनहित में पारदर्शी कार्य किया है और भाजपा के खोखले आरोप उनकी बढ़ती लोकप्रियता और जनता के बीच बढ़ते कद से घबराहट का नतीजा हैं।