रांची
कांग्रेस ने कहा है कि राहुल गांधी के खुलासे ने साबित कर दिया है कि देश के चुनावों में संगठित तरीके से दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। इस वोट चोरी के गिरोह के खिलाफ कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि इसका मुख्य निशाना यही पिछड़ा समुदाय हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने वोट चोरी के खिलाफ चलाए जाने वाले हस्ताक्षर अभियान के पोस्टर लॉन्चिंग के अवसर पर बताया कि यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक झारखंड में भी पंचायत स्तर तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य जनता को यह जानकारी देना है कि वोट चोरी में चुनाव आयोग की क्या भूमिका है और यह किसके इशारे पर हो रहा है।

उन्होंने कहा, “भारत का लोकतंत्र वोट की शक्ति पर टिका है। आज यही नींव खतरे में है। समुदायों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। वोट चोरी आम जनता की आवाज और अधिकार की चोरी है। चुनाव आयोग को चाहिए कि मशीन रीडेबल मतदाता सूची फोटो सहित, हर चुनाव के पहले विलोपित और जोड़े गए मतदाताओं की सूची सार्वजनिक जांच के लिए जारी करे। अंतिम समय पर नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को रोका जाए, और मतदाताओं के अधिकारों का दमन करने वाले अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।”

केशव महतो ने आगे कहा, “पहले महादेवपुरा और अब कर्नाटक के आलंद के खुलासों से देश की जनता निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के प्रति सशंकित है। मुख्य चुनाव आयुक्त की अगुवाई में वोट की चोरी हो रही है। चुनाव आयोग से जवाब मांगने पर भाजपा नेताओं में छटपटाहट दिखती है। वोट चोरी को छुपाने के लिए चुनाव आयोग के बजाय भाजपा नेता बचकाना जवाब देते हैं। झारखंड में आने वाले केंद्रीय मंत्री वोट चोरी के आरोप पर राज्य की सरकार पर सवाल उठाने पर चेहरा छुपा लेते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि झारखंड आने वाले प्रत्येक केंद्रीय मंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वोट चोरी पर जवाब लेकर आना चाहिए ताकि जनता के सवालों का जवाब दिया जा सके।”
