रांची
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर दिए गए बयान को झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने गैर-जिम्मेदाराना, भ्रामक और राजनीतिक हताशा से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे बेतुके बयान देकर बाबूलाल मरांडी न केवल मुख्यमंत्री पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं, बल्कि झारखण्ड की छवि को भी धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
आलोक कुमार दुबे ने कहा कि जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्व आर्थिक मंच (WEF), दावोस जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर झारखण्ड के लिए निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर तलाश रहे हैं, उस समय इस तरह के बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का विदेश दौरा कोई सैर-सपाटा नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक भविष्य को मज़बूत करने की रणनीतिक पहल है।
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उन्होंने कहा कि दावोस में वैश्विक उद्योगपतियों और निवेशकों से संवाद कर झारखण्ड में पूंजी निवेश लाना, रोजगार सृजन करना और युवाओं को अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे प्रयासों पर सवाल उठाना दरअसल झारखण्ड के विकास के खिलाफ सोच को उजागर करता है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए आलोक कुमार दुबे ने कहा कि बड़कागांव की घटना सहित किसी भी घटना को सरकार गंभीरता से लेती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। लेकिन एक-दो घटनाओं के आधार पर पूरे राज्य में “जंगलराज” का आरोप लगाना सरासर गलत और जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
उन्होंने कहा, “झारखण्ड में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। बाबूलाल मरांडी को बयान देने से पहले बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की स्थिति पर भी नजर डालनी चाहिए।”

कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास न तो कोई ठोस मुद्दा बचा है और न ही जनता को देने के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा। इसी वजह से वे हताशा और राजनीतिक कुंठा में इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
आलोक कुमार दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड विकास, सामाजिक न्याय और निवेश के क्षेत्र में नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। जनता के हित में काम कर रही सरकार को बदनाम करने की हर साजिश नाकाम होगी। झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर पूर्ण भरोसा जताते हुए उनके दावोस दौरे को राज्य के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में अहम कदम बताया।
