द फॉलोअप डेस्क
चतरा डीसी अबु इमरान की एक चिट्ठी ने जिले में हलचल मचा दी है। चिट्ठी, डीसी ने अधीनस्थ उपविकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक चतरा को लिखा है। लिखा है कि जिले में भारी संख्या में सरकारी और संविदाकर्मी मनचाही ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए राजनीतिक पैरवी का सहारा ले रहे हैं। राजनेताओं की ऊंची पहुंच का दबाव जिले के वरीय अधिकारियों पर दिलवा रहे हैं। मामले को डीसी अबु इमरान ने गंभीरता से लिया है और ऐसे संविदाकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कार्रवाई करने संबंधी मांगी रिपोर्ट
डीसी ने स्पष्ट कहा कि आपके अधीनस्थ पदस्थापित नियमित व संविदा कर्मियों के द्वारा अपने स्थानांतरण-पदस्थापन के संबंध में सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक यथा अन्य बाहरी पैरवी करायी जा रही है। इसी प्रकार कुछ कर्मियों द्वारा बिना उचित माध्यम के सीधे उच्चाधिकारियों से लिखित रूप से अभ्यावेदन प्रस्तुत कराया जा रहा है। डीसी ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों को कहा है कि सरकारी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले ऐसे सरकारी, संविदाकर्मियों को चिह्नित करते हुए उनके विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए इसकी पूरी जानकारी उन्हें प्रतिवेदन के साथ दें।

क्या कहता है सरकारी सेवक नियमावली
बता दें कि, झारखंड सरकारी सेवक आचार नियमावली-2001 के नियम 22 के अनुसार कोई सरकारी सेवक सरकार के अधीन अपनी सेवा से संबंधित किसी विषयों के संबंध में अपने हित साधन के लिए किसी उच्चतर पदाधिकारी पर कोई राजनीतिक अथवा अन्य बाहरी प्रभाव नहीं डालेगा और न डालने की कोशिश करेगा। ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।