द फॉलोअप डेस्क
मेरठ के कंकरखेड़ा में गणपति विहार कॉलोनी में रहने वाले सीआरपीएफ हवलदार केशपाल सिंह (45) ने पत्नी और बेटी के साथ जहर खा लिया। अस्पताल में इलाज के दौरान केशपाल और उनकी पत्नी प्रियंका की मौत हो गयी, जबकि बेटी नव्या की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
विभागीय कार्रवाई से थे परेशान
केशपाल सिंह मूल रूप से बुढ़ाना के धनौरा गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में अंबाला में तैनात थे। कुछ महीनों पहले उन पर विभागीय जांच शुरू हुई थी, जिससे वे परेशान थे। रविवार सुबह एक अधिकारी ने उन्हें फोन पर बताया कि उनकी नौकरी खत्म कर दी गयी है। इस खबर से आहत होकर उन्होंने पत्नी और बेटी के साथ जहर खा लिया। जहर खाने के बाद केशपाल ने अपने बड़े भाई मेशपाल को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'तेरे भाई ने कभी कोई गलत काम नहीं किया, लेकिन मुझे गलत आरोपों में फंसा दिया गया है। अब मेरी मौत के बाद ही सच सामने आएगा।'
अस्पताल पहुंचने की कोशिश, लेकिन नहीं बच सके
केशपाल ने पत्नी और बेटी को खुद ही कार में डालकर अस्पताल पहुंचाया। पहले वे कैलाशी अस्पताल गए, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें आनंद अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान शाम को केशपाल की मौत हो गयी और देर रात उनकी पत्नी प्रियांका ने भी दम दोड़ दिया।
बेटी का आरोप- महिला अधिकारी दे रही थी धमकी
अस्पताल में भर्ती नव्या ने पुलिस को बताया कि उसके पिता को एक महिला अधिकारी लगातार धमका रही थी। वह उन्हें जेल भिजवाने की बात कह रही थी, जिससे वे बहुत तनाव में थे। नव्या ने बताया कि पिता जब घर लौटे तो उनके पास जहर था। उन्होंने पहले खुद खाया और फिर मम्मी ने भी खा लिया। यह देखकर नव्या ने भी जहर खा लिया, लेकिन उसका छोटा भाई किट्टू बच गया।
पुलिस जांच में जुटी, परिवार ने की न्याय की मांग
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और विभागीय अधिकारी अस्पताल पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि कोशपाल को जानबूझकर फंसाया गया था, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।