द फॉलोअप डेस्क
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 94वीं जयंती के अवसर पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के रसायन विज्ञान विभाग के “रासायनिक बंधन क्लब” द्वारा “मिसाइल मैन ऑफ इंडिया” को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु विविध रचनात्मक एवं आलोचनात्मक गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। इन कार्यक्रमों में वाद-विवाद प्रतियोगिता और पोस्टर-निर्माण प्रतियोगिता शामिल रही, जिनमें छात्रों ने विज्ञान, नवाचार और राष्ट्रनिर्माण के प्रति डॉ. कलाम की दृष्टि से प्रेरित होकर उत्साहपूर्वक भाग लिया।.jpeg)
कार्यक्रम में विभाग के संकाय सदस्य- डॉ. सौमेन डे, डॉ. अरविंद लाल, डॉ. राज बहादुर सिंह, डॉ. पार्थ घोष और श्री साइमन वाट्रे संगमा — की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
मुख्य संबोधन में डॉ. अरविंद लाल ने डॉ. कलाम की प्रेरणादायी यात्रा और उनके असाधारण योगदानों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों से उनके दृढ़ संकल्प, विनम्रता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को अपनाने का आह्वान किया। वहीं डॉ. राज बहादुर सिंह ने अपने भावपूर्ण शब्दों में डॉ. कलाम को “भारत का सच्चा सपूत” बताया और कहा कि उनका जीवन आज भी युवाओं के मस्तिष्क को प्रज्ज्वलित कर रहा है।
प्रतियोगिताओं ने छात्रों की रचनात्मकता, जिज्ञासा और आलोचनात्मक सोच का सुंदर प्रदर्शन किया, जो डॉ. कलाम के “सीखने के माध्यम से नवाचार” के सिद्धांत का जीवंत उदाहरण रहा।
कार्यक्रम का समापन डॉ. सौमेन डे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने प्रतिभागियों और आयोजकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए इस आयोजन को “सार्थक और यादगार” बताया।