द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मुसाबनी प्रखंड सभागार में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में नीति आयोग द्वारा निर्धारित विकास संकेतकों के आधार पर कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और परिणामों की विस्तार से समीक्षा की गई।
डीसी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर ठोस और प्रभावी होना चाहिए। बैठक में विशेष रूप से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को मल्टी विलेज स्कीम योजना को नवंबर 2025 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, प्रखंड के 51 गांवों को दो माह के भीतर ODF प्लस बनाने की दिशा में कार्य योजना तैयार करने को कहा गया।
स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में प्रोजेक्ट मानसी और सत्य साईं फाउंडेशन के प्रतिनिधियों को दुर्गम और संवेदनशील जनजातीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही PVTG क्षेत्र के 3 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण कार्य को अगले तीन माह में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान, डीसी ने बोर्ड परीक्षा में कमजोर प्रदर्शन पर नाराजगी जताई और गुणवत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करने की बात कही। साथ ही, सभी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल और शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
कृषि विकास पर चर्चा करते हुए, सभी योग्य किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से आच्छादित करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, JSLPS के माध्यम से गोहला क्लस्टर में व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने की योजना पर जोर दिया गया।
डिजिटल कनेक्टिविटी पर चर्चा करते हुए, डीसी ने भारतनेट योजना की पंचायतवार समीक्षा की और शेष पंचायतों में शीघ्र कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बिजली विभाग को अगले दो माह में शत-प्रतिशत घरों तक विद्युत कनेक्शन देने का आदेश दिया गया।
वित्तीय समावेशन के तहत, एलडीएम को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक छात्र, महिला और किसान का बैंक खाता शीघ्र खोला जाए, ताकि लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का फायदा मिल सके। इसके साथ ही, मुसाबनी बस स्टैंड में पेयजल व्यवस्था और आधारभूत समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने की बात कही गई।
बैठक के बाद, डीसी ने प्रखंड मुख्यालय में बुनकर स्वावलंबी समिति से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा तेरेंगा पंचायत में निर्मित कचरा पृथक्करण शेड का निरीक्षण कर संचालिका को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक में विभागीय अधिकारियों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और आगामी कार्यों को सुचारु रूप से क्रियान्वित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
