द फॉलोअप डेस्क
घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत के हलुदबनी गांव में सबर समुदाय के पूरी तरह से अनाथ हो गए पांच मासूम बच्चों की खबरें लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा में रही। इस दुखद खबर को फॉलोअप के द्वारा भी कवर किया गया था। इसी बीच अब पूर्वी सिंहभूम के डीसी ने संज्ञान लिया है। और उन्होंने इन अनाथ बच्चों को सरकारी योजनाएं प्रदान करने के निर्देश दे दिए है। गौरतलब है कि इस मामले को कांग्रेस सोशल मीडिया कोओर्डिनेटर ब्यूटी मंडल ने प्रमुखता से उठाया था।
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पूर्वी सिंहभूम के डीसी कर्ण सत्यार्थी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस बात की जानकारी साझा की है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि "जिला शिक्षा अधीक्षक एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, घाटशिला को यथाशीघ्र बच्चों को सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने एवं अन्य आवश्यक सहयोग हेतु निर्देशित किया गया है"।.jpg)
बता दें कि घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत के हलुदबनी गांव में सबर समुदाय के पांच मासूम बच्चे अब पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं। एक वर्ष पहले बीमारी के चलते इन बच्चों की मां केशोरी सबर का निधन हो गया था। अब बीते शनिवार को पिता पालटू सबर की भी बीमारी से मौत हो गई, जिससे पूरा परिवार टूट गया है।
पालटू सबर की मौत के बाद उनके पांचों बच्चे—बाबूराम (13), रतन (11), रांगी (9), बाबूजी (7) और आकाश (3)—बिना किसी सहारे के रह गए हैं। जर्जर घर, टूटी छत और बेसहारा भविष्य—इन बच्चों की जिंदगी अब एक गहरे संकट में है।.jpeg)
बच्चों ने बताया कि उनके पिता के नाम पर बना राशन कार्ड ही उनका सहारा है। इसी के जरिए उन्हें दो वक्त का खाना मिल पा रहा है। पहले माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। अब माता-पिता दोनों नहीं रहे, और 13 वर्षीय बाबूराम सबर पर अपने छोटे भाइयों की जिम्मेदारी आ गई है।